उरई। पंचायत चुनाव के कारण स्थगित चल रहे तहसील दिवस का आज कई दिनों बाद आयोजन हुआ। जिसकी वजह से फरियादियों का रैला उमड़ पड़ा। हालांकि इस दौरान आई कुल 50 शिकायतों में से मात्र 3 ही निस्तारित हो पाई है।
उप जिलाधिकारी सदर डाॅ. एवी सिंह की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस के आयोजन में आज सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की 10 आई। जबकि राजस्व विभाग की 6 शिकायतें पंजीकृत हुई। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की एक-एक शिकायत पंजीबद्ध की गई। विकास विभाग की तीन शिकायतों में एक शिकायत मौके पर ही निस्तारित हो गई। अन्य विभागों की 29 शिकायतें आई जिनमें 2 का तत्काल निस्तारण हो गया।
आज के तहसील दिवस में जमीन संबंधी विवाद बढ़ने की स्थिति उजागर हुई। मो. रहूफ मंसूरी एडवोकेट ने उनके द्वारा खरीदे गये प्लाट पर दबंगों के जबरन कब्जे की शिकायत की। मौखरी के बलराम यादव ने शिकायत की कि वे फोरलेन के पास स्थित अपनी जमीन पर मंदिर बनाकर रह रहे हैं। लेकिन डकोर के एक सजातीय की उस पर नीयत खराब हो गई है और वह रोज शराब पीकर मंदिर में आ जाता है और डरावने तेवर दिखाता है। तांकि वे अपनी जमीन छोड़कर भाग जायें। रामनगर निवासी विजय कुमार की शिकायत थी कि मोहल्ले के ही विनोद कुमार और बृजेश कुमार उनके घर के रास्ते की मिटटी खोदने में लगें हैं जिससे यातायात बाधित हो रहा है। कई बार उन्होंने पहले भी उक्त लोगों के खिलाफ शिकायत की। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नही की गई है।
उप जिलाधिकारी सदर ने कहा कि तहसील दिवस की शिकायतों को संबंधित विभागों के प्रतिनिधि प्राथमिकता के साथ सप्ताह भर में निपटा दें। अगर सप्ताह भर में शिकायत की जटिलता की वजह से निदान नही हो पाता तो दो सप्ताह में अनिवार्य रूप से निस्तारण होना चाहिए। अन्यथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन के निर्देशानुसार कठोर कार्रवाई होगी। तहसील दिवस में सभी विभागों के प्रतिनिधि पुलिस उपाधीक्षक सहित उपस्थित थे। अंत में निरीक्षण के लिए अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद भी पहुंच गये थे।






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