उरई |
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत जिला औद्यानिक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला उद्यान अधिकारी द्वारा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में बागवानी फसलों जैसे पपीता, करौंदा, बेल, बेर, आंवला, कटहल आदि का 6 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा संकर शाकभाजी 50 हेक्टेयर, प्याज की खेती 50 हेक्टेयर, 2800 रनिंग मीटर तारबंदी, शाकभाजी हेतु 03 हेक्टेयर में मचान निर्माण तथा 02 ईको-फ्रेंडली लाइट ट्रैप की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक कृषकों को औद्यानिक विकास योजनाओं से जोड़ा जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि उद्यान विभाग कार्यालय में दिनांक 05 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे कृषक मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में भाग लेने वाले कृषकों को निःशुल्क संकर शाकभाजी बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह, अनुज पालीवाल (नगरीय क्षेत्र/स्थानीय निकाय-डूडा), सुभाष द्विवेदी, मो. मुस्तफा (समन्वयक, कृषि विज्ञान) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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