उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियोजन, अपराध नियंत्रण तथा भूमि विवादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों की स्थिति का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान हत्या, लूट, महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामलों की विवेचनाओं और न्यायालयों में लंबित अभियोजन की प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों की विवेचना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर दोषियों को शीघ्र दंड दिलाने की कार्रवाई की जाए।
भूमि विवादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकांश कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं की जड़ भूमि संबंधी विवाद होते हैं। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को नियमित रूप से मौके पर जाकर पैमाइश, सीमांकन और कब्जा संबंधी मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस, जनसुनवाई और थाना समाधान दिवस में प्राप्त भूमि विवादों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, ताकि अनावश्यक विवादों और तनाव की स्थितियों को रोका जा सके।
बैठक में अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण तथा जनशिकायतों के त्वरित समाधान के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता को त्वरित न्याय दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।



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