उरई। महेबा ब्लाॅक के सैदपुर गांव में पिछले तीन दिनों से दर्जनों बच्चें अज्ञात बीमारी की चपेट में सिसक रहे थे लेकिन अंध विश्वास के शिकार उनके अभिभावकों ने इसकी जानकारी डाक्टरों को देने की जहमत नही उठाई। आज अवकाश के बाद सरकारी प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक भानु यादव ने काफी देर तक स्कूल में बच्चों के न आने पर जब पूंछतांछ की तब उन्हें बच्चों की बीमारी के बारे में पता चला। उन्होंने फौरन ही 108 नंबर एंबुलेंस को सूचना देकर बुलवा लिया और बच्चों को वे खुद ही जिला अस्पताल में ले आये। इनमें तीन बच्चों की हालत गंभीर है। जबकि शेष बच्चों को उनके खून, मलमूत्र की जांच के बाद प्रारंभिक उपचार देकर अस्पताल से छुटटी दे दी गई।
उक्त ग्राम में तीन दिन से बच्चों के बीच बुखार और उल्टी की बीमारी फैली हुई थी। इसके बावजूद अभिभावक झाड़फूंक कराते रहे। उन्होंने किसी डाॅक्टर या अस्पताल में इसकी कोई सूचना नही दी। आज गांव के सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक की जानकारी में बच्चों के स्कूल न आने पर उनकी बीमारी की बात आई। इसके बाद 108 नंबर पर काॅल करके उन्होंने तत्परता पूर्वक एंबुलेंस बुलवा ली और लगभग 30 बीमार बच्चों को उसमें सवार कर खुद ही जिला अस्पताल ले आये। खुशी व कुंवर सिंह सहित तीन बच्चों को नाजुक हालत की वजह से अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। जबकि शेष के रक्त और मलमूत्र के नमूने लेकर छुटटी दे दी गई। हालांकि अभिभावक साथ न होने की वजह से इन बच्चों को भी प्रधानाध्यापक ने फिलहाल अपने साथ ही रोक रखा था।
उधर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आशाराम ने बताया कि वे बच्चों की बीमारी के बारे मे जानकारी ले रहे हैं। जरूरत हुई तो मेडिकल टीम सैदपुर भेजी जायेगी। इसी बीच जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश वर्मा के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी विजय बहादुर सचान स्थिति की जानकारी करने के लिए सैदपुर पहुंच गये हैं।






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