उरई। सूखे के कारण बेहाल होकर फसल बचाने की मशक्कत में जुटे किसानों की मदद करने की बजाय बिजली विभाग उनके शोषण पर आमादा हो गया है। जिसकी बानगी सिटी मजिस्ट्रेट के सामने एक किसान द्वारा की गई शिकायत से सामने आई। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश जारी कर दिये हैं।
एट थाना क्षेत्र के ग्राम हरदोई गूजर निवासी रामकिशोर सिंह ने जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में कलेक्ट्रेट में उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सक्सेना को बताया कि बिजली विभाग की शरारत की वजह से सूखे के कारण टूटे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। राज्य सरकार द्वारा घोषित मदद करना तो दूर बिजली विभाग उनकी मजबूरी का फायदा उठाने में जल्लादों को भी मात किये दे रहा है।
उन्होनें कहा कि विभाग के अभियंताओं के इशारे पर गांव का लाइनमैन रामसिंह आये दिन नलकूप की लाइन में कोई न कोई फाल्ट कर देता है। जिसे जोड़ने के लिए वह पांच सौ रुपये की घूस खुलेआम मांगता है। जब तक उसकों इतने रुपये नही मिल जाते तब तक लाइन नही जोड़ी जाती। जेई से शिकायत करने का कोई असर नही होता क्योंकि उन्हीं के इशारे पर लाइनमैन द्वारा किसानों से वसूली की जाती है। सिटी मजिस्ट्रेट ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता को लिखित पत्र किसान के आरोपों की जांच के लिए जारी कर दिया है।
बताया जाता है कि यह समस्या अकेले हरदोई गूजर गांव की नही है बल्कि गांव-गांव का यही किस्सा है। चाहे बिजली विभाग हो या नलकूप सूखे को किसानों का खून चूसने का पर्व मानकर वे उन्हें परेशान करने का अभियान चलाये हुए हैं। मुख्यमंत्री की संवेदना उनके लिए बे-मतलब है। क्योंकि जिले के उच्चाधिकारियों का भी वरदहस्त और इशारा उन्हें कमाई में भरपूर हिस्सा मिलने की वजह से प्राप्त है।






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