उरई। आग्नेयास्त्रों के नवीनीकरण में पुलिस के प्रमाण पत्र की शर्त जोड़ दी जाने से लाइसेंस धारकों का शोषण हो रहा है। गौरतलब है कि नई व्यवस्था के मुताबिक किसी शस्त्र के लाइसेंस का नवीनीकरण तभी होता है जब पुलिस अपने सामने उसे चलवाकर देखने के बाद यह प्रमाणित कर दे कि लाइसेंसी असलहा चलाने में पूरी तरह सक्षम है।
कायदे से असलहाधारी का टैस्ट चांदमारी क्षेत्र में होना चाहिए लेकिन इस नाम पर खानापूर्ति भर की जा रही है। पुलिस लाइन में दो सौ रुपये की रसीद काटकर लाइसेंसी से पांच सौ से पंद्रह सौ रुपये सुविधा शुल्क लेने के बाद उसका प्रमाणन किया जाता है। लाइसेंसी परेशानी की आशंका के कारण इस घूसखोरी को चुप रहकर सुनने के लिए मजबूर हैं।
इस बारे में उपाधीक्षक नगर डाॅ. जंगबहादुर सिंह यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी तक किसी ने ऐसी शिकायत नही की है। पुलिस को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए शासन के निर्देशों की वजह से फायरिंग का टैस्ट लेना पड़ता है। इसमें लाइसेंसी को दिक्कत महसूस होना स्वाभाविक है। संभवतः इसी वजह से कुछ लोग कुंठा में पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं।






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