0 ब्राह्मण महासभा परिसर में हुआ रंगारंग कवि सम्मेलन
14orai05कोंच-उरई। नगर विद्वत् परिषद् के तत्वाधान में ब्राह्मण महासभा परिसर में जारी धार्मिक कार्यक्रमों के बीच बीती रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें नामचीन और नवोदित कवियों व शायरों ने अपनी अनूदित रचनाओं से ऐसा शमां बांधा कि लोग वाह वाह कर उठे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने इस अवसर पर रचना भी बांची और साहित्यकारों को देश व समाज को नई दिशा देने का संवाहक भी बताया।
पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया के मुख्य आतिथ्य तथा ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन में दिनेश मानव ने मां वीणापाणि का आह्वान करके कार्यक्रम को गति प्रदान की। चूंकि आध्यात्मिक माहौल था सो कवि नंदराम स्वर्णकार भावुक ने अपनी रचना का केन्द्र अध्यात्म को बनाते हुये रचना पाठ किया, विप्र गौ संतों का सकल संताप हरने को, असुर संहार करने को, परशु अवतार होता है…। साहित्यकार नरेन्द्र मोहन कमत्र ने अपनी रचना बांचते हुये कहा, संतों जैसी ज्योति जगाना मुश्किल है, मीरा जैसे भजन सुनाना मुश्किल है, रामचरित मानस घर घर वरदान बनी, तुलसी का अहसान चुकाना मुश्किल है…। हास्य कवि ओंकारनाथ पाठक ने वैटर हाफ को लेकर रचना सुनाई, रात में जब भी मेरे पास आते हैं, लाल सिंदूर देखकर वहीं ठिठक जाते हैं, इसलिये बहिन हरा सिंदूर लगाती हूं, तभी उन्हें पति होने का सुख दे पाती हूं…। दिनेश मानव ने रचनापाठ किया, क्या बतायें उम्र कैसे पक गई है इस कदर, जबकि हम तो जीस्त के अरकान तक न पढ सके, सोच रखा था कि इक दिन देवता हो जाऊंगा, अपने अंदर हाय हम इंसान तक न गढ सके…। डॉ. मृदुल दांतरे ने अपना व्यंग्य पढा, जिनको थामा था हाथ पकड़, वो खाली दस्ताने निकले, इस दुनिया में न जाने कितने बेगाने निकले, बोलते न थे मृदुल की सख्शियत पर, उन गूंगों के भी तराने निकले…। कवि भास्कर सिंह माणिक्य, संजय सिंघाल, आनंद शर्मा, प्रेम चैधरी नदीम, मोहनदास नगाइच, ब्रजेशकुमार नायक आदि की रचनायें भी सराही गईं। संचालन करते हुये संतोष तिवारी सरल ने कहा, अमृत लिखता हूं गरल लिखता हूं अपने जीवन पे गजल लिखता हूं, कठिन भाषा मुझे गवारा नहीं जो भी लिखता हूं सरल लिखता हूं…। आभार महासभा महामंत्री अनुरूद्ध मिश्रा ने जताया। इस दौरान आनंद दुबे, ब्रजमोहन तिवारी, लल्लूराम मिश्रा, संजय रावत, अखिलेश बबेले, हरिश्चंद्र तिवारी, अभिषेक रिछारिया पुन्नी, राघवेन्द्र तिवारी, राजेन्द्र निगम, प्रह्लाद सोनी, अवधेश दीक्षित, वीरेन्द्र श्रृंगीऋषि, दिनेश दुवे, शिवांग दुवे, अमरेन्द्र दुवे, राजेन्द्र भारद्वाज, किशोर यादव, बंटे रावत सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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