0 सात साल बाद खत्म होगा गरीबों का इंतजार
cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n.jpgउरई। लहरियापुरवा की निर्माणाधीन काॅलौनी को लेकर गरीबो का इंतजार शायद फरवरी तक समाप्त हो जायेगा। यह काॅलौनी 2008 से बन रही है लेकिन अभी तक पूरी नही हो पाई है। इसमें 288 फ्लैट बनने हैं जो शहर के आवासहीन गरीबों के लिए होगें और 10 प्रतिशत अंशदान लेकर उन्हें आवंटित किये जायेगें।
बताया जाता है कि काॅलौनी के निर्माण में अवरोध स्वीकृत धनराशि को जारी न किये जाने की वजह से हुआ। इस बीच निर्माण की लागत बढ़ जाने की वजह से पुनरीक्षित स्टीमेट स्वीकृत कराना पड़ा। निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने अब रणनीति बदलते हुए पहले मात्र 228 फ्लैट तैयार करने का निश्चय किया है। यह फ्लैट फरवरी तक पूरे करने की डेड लाइन तय की गई है। इसके बाद बकाया फ्लैट भी जून तक कम्पलीट कर दिये जायेगे।
उधर इन आवासो में विद्युत कनेक्शन को लेकर भी जटिल समस्या उत्पन्न हो गई है। स्टीमेट में केवल पांच लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि बिजली विभाग ने इसमें 36 लाख रुपये के खर्च का खाका तैयार किया है। सीएनडीएस ने गतिरोध को लेकर डीएम के सामने गुहार लगाई है। उसका कहना है कि बिजली विभाग अनावश्यक खर्च मांग रहा है। व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाये तो खर्च काफी कम हो सकता है।
इस बीच आधे-अधूरे फ्लैटों में कई लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। आवंटियों को कब्जे दिलाने में इसकी वजह से समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उधर यह शिकायत भी की जा रही है कि डूडा फ्लैट आवंटन के लिए अभ्यर्थियों से 20 से 25 हजार रुपये की अवैध वसूली में लगा है। हालांकि अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार ने इस आरोप का खंडन किया है।

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