13orai04 उरई। शनिवार को प्रभारी जनपद न्यायाधीश नंदलाल की अध्यक्षता में जनपद दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न अदालतों ने 1386 मुकदमें आपसी सुलह समझौते से निस्तारित कराये। दावा किया गया है कि इससे 2150 वादकारियों को मुकदमें के जंजाल से छुटकारा मिला। आम के आम गुठलियों के दाम के तर्ज पर जहां अदालतों में मुकदमों का बोझ कम हुआ वहीं आपराधिक प्रकरणों में 84970 रुपये का अर्थदंड वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराया गया।
इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश नंदलाल ने कहा कि हजारों मामले ऐसे हैं जिनमें पक्षकार थोड़ी सी समझदारी प्यार, समर्पण और संयम का परिचय देकर तारीखों से हमेशा के लिए मुक्ति पा सकते हैं। लोक अदालत इसके लिए शानदार मौका है।
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक विक्रम ने तफसील देते हुए बताया कि लोक अदालत में वरिष्ठ अपर जिला जज नंदलाल की अदालत में तीन और कुटुंब न्यायाधीश रामअचल यादव की अदालत में 22 विवादों का समाधान किया गया। विशेष न्यायाधीश श्रीनाथ सिंह ने 2, अनिल कुमार उपाध्याय ने 8, अपर जिला जज चतुर्थ विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने 3 मामलों का निस्तारण किया। स्वयं सिविल जज जूनियर डिवीजन विवके विक्रम ने 59 आपराधिक मामलों का निस्तारण करते हुए अभियुक्तों से 13220 रुपये अर्थदंड जमा कराया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह ने 37 आपराधिक प्रकरण में 4250 रुपये जुर्माना वसूला।
सिविल जज जूनियर डिवीजन जालौन विनय कुमार सिंह ने 78, सिविल जज जूनियर डिवीजन कालपी निशांत मान ने 114, कोंच राजीव कुमार सिंह ने 8 और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन कोंच विजय कुमार कटियार ने 21 आपराधिक प्रकरण में 57500 रुपये राजकीय कोष में जमा कराया।
अपर जिला मजिस्ट्रेट आनंद कुमार ने स्टांप अधिनियम के दो मामले 7 हजार रुपये अर्थदंड लगाकर निस्तारित किये। विभिन्न उप जिला मजिस्ट्रेटों ने 107/116 सीआरपीसी के 209 मामले और राजस्व अधिनियम के 69 मामले तहसीलदारों ने निस्तारित किये। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण रोहित सिन्हा, शिवदान यादव, पीयूष वर्मा, जिला बार संघ के महासचिव बृजबिहारी गुप्ता, विभिन्न बैंकों व फाइनेंस कंपनियों के अधिकारीगण व कई वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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