Milky_way_broken_European (1)उरई। माध्यमिक शिक्षक संघ के मण्डलीय मंत्री देवेन्द्र कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर माहिल तालाब उरई से गांधी प्रतिमा तक मशाल जुलूस निकाल कर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 के पश्चात नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारियों को लागू की गयी नयी पेंशन स्क्रीम समाप्त कर पूर्व में प्रचलित पुरानी व्यवस्था बहाल की जाये के नारे के साथ सभी से मिलकर संघर्ष को लड़ने का आवहान किया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुरदास यादव ने कहा कि भारत का संविधान कल्याणकारी राज्य की अवधारणा स्थापित करता है किन्तु अप्रैल 2004 के पश्चात केन्द्र ने प्रचलित पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर आत्मघाती कदम उठाया है। वर्तमान पीढ़ी इस अलोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगी। एससी/एसटी संघ के जिलाध्यक्ष सुन्दर शास्त्री, डा. विनोद अहिरवार ने माननीयों को मिल रही पुरानी पेंशन पर आक्रोश व्यक्त किया कि उन्हें पांच वर्ष के सेवाकाल पर पुरानी पेंशन देय है जबकि 30-35 वर्ष सेवा करने पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बाजारीकरण के हवाले किया जा रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और मारते दम तक युवा पीढ़ी संघर्ष करती रहेगी।
विशाल मशाल जुलूस में ठकुरई गुट के जिलाध्यक्ष मनीष पालीवाल, मंत्री आलोक शर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के भानु यादव, शैलेष सोनी, कर्मचारी संगठन के रामप्रसाद श्रीवास्तव, माध्यमिक शिक्षक संघ के डा. विनोद अहिरवार, गिरन्द्र सिंह कुशवाहा, पुष्पेन्द्र सिंह गुर्जर, डा. प्रदीप निरंजन, कमाल अहमद, अंगद सिंह तोमर, श्याम जी शुक्ला, महेन्द्र पाल सिंह, पुनीत भारती, इन्द्रपाल सिंह, देवेन्द्र कुलश्रेष्ठ सहित सैकड़ो जिले के राज्य कर्मचारियों के विभिन्न घटक प्राथमिक से लेकर डिग्री कालेज के शिक्षकों ने विशाल मशाल जुलूस में सम्मिलित होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की तथा पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्षरत रहने का भरोसा दिया। हरिश्चन्द्र यादव, महेन्द्र वर्मा, संजीव अहिरवार, पकंज सहाय, हरीश गौतम, राघवेन्द्र श्रीवास्तव, रामनाथ मौर्या, जितेन्द्र कुमार, संतोष विश्वकर्मा, उदय यादव, विवेक त्रिपाठी, सौरभ श्रीवास्तव, निहाल सिंह सहित सैकड़ो कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने मशाल जुलूस में सहभागिता की।

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