IMG-20160225-WA0157उरई। डीजीपी के आदेश को देखते हुए पुलिस के अधिकारियों को सड़क पर अपनी उपस्थिति जताने की मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके तहत गुरुवार को रामपुरा में सीओ माधौगढ़ महेंद्र सिंह थानाध्यक्ष राजाभइया और उनके फोर्स को साथ लेकर सड़कों पर गश्त करने के लिए निकले।
सीओ ने इस दौरान देशी शराब के ठेके की चैकिंग की। ठेके का रजिस्टर मेंटेन नही था जिस पर सीओ ने कड़ी नाराजगी प्रकट की। उधर नये डीजीपी जावीद अहमद द्वारा खाकी की हनक की फिर से बहाली के लिए जिलों में पुलिस को सड़कों पर उतरने का जो टिप्स दिया है वह कामयाब साबित हो रहा है और खुलेआम अराजकता पर आमादा रहने वाले असामाजिक तत्व पुलिस की नई रणनीति से डिफेंसिव हो गये हैं। दूसरी ओर पुलिस के स्थानीय अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर कह रहे हैं कि डीजीपी साहब किसी दिन हमारी नौकरी ले बैठेगें। समाजवादी संस्कृति से ओतप्रोत सत्तारूढ़ पार्टी के समाजसेवियों से गश्त की कवायद में अनजाने में उन्होंने कोई चूक कर दी तो फिर विभाग की परंपरा है कि सीनियर अधिकारी दुम दबाकर एक तरफ हो जाते हैं और गाज जो अधिकारी मोर्चे पर रहता है उस पर गिरती है। उक्त अधिकारियों का कहना है कि आप मीडिया के जरिये हमारा यक्ष प्रश्न डीजीपी साहब तक पहुंचाने में मदद करें।

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