0 लगातार खुशियां मना रहे हैं रेल प्रेमी, रेलवे स्टेशन पर पहुंच बांटी मिठाई
कोंच-उरई। केन्द्र की मोदी सरकार ने कोंच इलाके के लोगों को कोंच-लहार-भिंड नई रेल लाइन बिछाये जाने की जो सौगात दी है उससे इलाकाई बाशिंदों की खुशी का कोई पारावार नहीं है। यहां के रेल प्रेमियों ने कोंच रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर ढोल बजवाये और मिष्ठान्न वितरित कर अपनी प्रसन्नता का इजहार किया। रेल प्रेमियों ने वहां आयोजित एक सभा में कहा कि 25 फरवरी 2016 की तारीख कोंच रेल के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरूआत है, अभी लंबा सफर तय करना है और इसके लिये जरूरी है कि लोग इसी तरह से रेल सुविधाओं को लेकर जागरूक रहें। मानव शक्ति संस्था के लोगों ने भी उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने एक पत्र, एक रेल अभियान के तहत हजारों की संख्या में रेल मंत्रालय को पत्र लिखे हैं।
गुजरी 25 फरवरी को मोदी सरकार के रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट पिटारे से जैसे ही कोंच-भिंड रेल लाइन निकल कर आई वैसे ही कोंच इलाके के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने अपने अपने तरीकों से इस खुशी के मौके को सेलीब्रेट करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रख छोड़ी। कल शाम कोंच रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंच कर अपनी प्रसन्नता ढोल नगाड़े बजवा कर व्यक्त की और एक दूसरे का मुंह मीठा कराने के अलावा वहां मौजूद यात्रियों को भी मिष्ठान्न वितरित किया। इसके बाद वहां एक सभा का भी आयोजन किया गया जिसमें कोंच रेल सुविधाओं पर चर्चा की गई। रेल सुविधाओं के लिये सतत् प्रयत्नशील रहने वाले समाजसेवी सुनील लोहिया ने कहा कि इस क्षेत्र की जनता केन्द्र की मोदी सरकार की कृतज्ञ है जिसने यहां के लोगों की बर्षों पुरानी मांग एट-कोंच रेल लाइन को आगे बढाने की मान कर उसे कोंच-भिंड रेल लाइन का तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि अभी भी यहां के यात्रियों के समक्ष तमाम दुश्वारियां मुंह बाये खड़ी हैं जिनका समाधान कराना जरूरी है और इसके लिये एकजुट प्रयासों की आवश्यकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश कौशिक ने कहा कि यह लाइन कोंच के लिये वरदान साबित होगी क्योंकि पिछले लगभग तीन दशकों के दौर में इस एट-कोंच लाइन को रेल विभाग द्वारा बंद कर दिये जाने के लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं किंतु यहां के जागरूक लोगों की बजह से न केवल यह लाइन बहाल हुई बल्कि अब इसको विस्तार दिये जाने की जो पहल की गई है उससे इस पिछड़े क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में आने का मौका मिलेगा। सभा को मानव शक्ति संस्था के अध्यक्ष देवेन्द्र कौशिक, प्रबंधक अखिलेश व्यास, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, जगदीश अग्रवाल, शिक्षक केपी सिंह, अनिल गुप्ता, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य चंद्रप्रकाश निरंजन, मृदुल दांतरे आदि ने भी संबोधित करते हुये इस बात की जरूरत पर बल दिया कि कोंच-एट के बीच छठा फेरा बढवाने और एट स्टेशन पर मुख्य गाडियों के ठहराव के लिये भी संघर्ष करने को तैयार रहें। इस दौरान सौरभ टीहर, सचिन पांडे, ब्रजेन्द्र यादव, आशीष गुप्ता, नरेश वर्मा, सुनील शर्मा, धीरज गुप्ता, अवध गुप्ता, दीपक लोहिया, विवेक तिवारी, राकेश शुक्ला, सत्यनारायण तिवारी, रामशरण नायक, पीसी गुप्ता, वैदेहीशरण, शरद अरूसिया, मनोज तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।बोले समाजसेवी, वर्षों की तपस्या का फल अब जाकर मिला
कोंच-उरई। कोंच-एट रेल लाइन को थाती की तरह सहेज कर रखने वाले कोंच के समाजसेवियों ने कोंच-भिंड लाइन की मंजूरी को वर्षों की तपस्या का प्रतिफल बताते हुये कहा है कि अब उन्हें इस बात का संतोष जरूर रहेगा कि उनकी आने वाली पीढियां अब उन्हें यह ताने नहीं दे सकेंगीं कि सौ साल पुरानी रेल लाइन में उन्होंने कौन से नये आयाम जोड़े हैं।
तकिया खुर्रमशाह के सज्जादानशीं शाह आसिफअली कहते हैं कि उनके मरहूम वालिद शाह मुजफ्फर अली कौकव, पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. केदारनाथ शर्मा, भूतपूर्व ऑनरेरी मजिस्ट्रेट स्व. गणेशप्रसाद पाठक, यहां के जानेमाने शायर स्व. सुरेशचंद्र गुप्ता जमील आदि लंबे समय तक एट-कोंच लाइन को आगे दिबियापुर और फफूंद तक बढाये जाने की लड़ाई लड़ते रहे। उनके सपनों को लंबे इंतजार के बाद अब जाकर पंख मिले हैं। गरीबों को नित्य प्रति भोजन कराने बाली संस्था दरिद्र नारायण सेवा समिति के संयोजक कढोरेलाल यादव भी इस लाइन के आगे भिंड से जुडने की खबर पर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि इस लाइन के आगे बढने से यहां उद्योगों की स्थापना का रास्ता खुलेगा, खासतौर पर ग्रामीण अंचलों में कुटीर उद्योग पनपेंगे। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष देवीदयाल रावत मानते हैं कि इस नई रेल परियोजना से अति पिछड़े इस इलाके के उन तमाम बीहड़ी क्षेत्रों जहां कभी सड़क यातायात भी नहीं नसीब हुआ है, के नागरिकों को रेल सुविधा का लाभ मिल सकेगा। मैंथा गल्ला व्यापारी कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय रावत को इस नई रेल लाइन से उम्मीद है कि यह इलाका व्यापार हब के रूप में विकसित होगा। निवर्तमान बारसंघ अध्यक्ष विनोद अग्निहोत्री ने कहा है कि अब तक की किसी भी सरकार ने इस रेल लाइन पर सुविधायें बढाने की जेहमत नहीं उठाई, ऐसे में यह नई परियोजना मिलने से यहां के लोग मोदी सरकार के शुक्रगुजार हैं और इसे अच्छे दिनों की शुरूआत मान रहे हैं। टिम्बर व्यवसायी सेठ नासिर कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवनकाल में कोंच से रेल सुविधाओं को कम होते ही देखा है, भिंड-कोंच लाइन मिलने से वह हतप्रभ हैं और आशान्वित हुये हैं कि आने बाले समय में कोंच पूर्व की भांति एक बड़ी व्यापारिक मंडी बनने की ओर अग्रसर होगी।






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