cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। जिला एवं तहसील मुख्यालायों पर सम्पन्न हुई मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में 592 मुकदमे निस्तारित किये गये। इसमें मोटर वाहन दुर्घटना के दो दावों में पीड़ित याचीगण को विपक्षी कम्पनी से 6 लाख 65 हजार रुपये क्षति पूर्ति दिलाई गई। आज की लोक अदालतों में जिले भर में 700 वादकारी लाभान्वित हुए। आपराधिक मामलों में 1 लाख 13 हजार 20 रुपये अर्थदंड वसूला गया।
विस्तृत जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव सीताराम ने बताया कि लोक अदालत के अध्यक्ष और जिला जज प्रदीप कुमार कंसल ने स्वयं 10 मुकदमों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जिनमें दो मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित मामले थे। पीड़ितों को इसमें 6 लाख 65 हजार रुपये का क्लेम बीमा कंपनी से दिलाया गया। उधर कुटुंब न्यायाधीश रामअचल यादव ने भरण-पोषण अधिनियम के 14 मामलों सहित 21 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने सात मामलों का, अपर जिला जज रोहित सिन्हा ने दो और शिवदान यादव ने उत्तराधिकार अधिनियम के चार वादों का निस्तारण किया।
स्वयं सीताराम जी ने बतौर सीजेएम 65 आपराधिक मामले 25 हजार 750 रुपये अर्थदंड वसूलने के साथ खत्म कर दिये। सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी अलका भारतीय ने 30 आपराधिक मामलों में अभियुक्तों से 300 रुपये का जुर्माना सरकारी खजाने में जमा कराया। कोंच के न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार कटियार ने 21 आपराधिक मामलों में 19 हजार 650 रुपये का अर्थदंड अभियुक्तों पर लगाया। जेएम जालौन विनय कुमार सिंह ने 83 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 25 हजार 250 रुपये, जेएम कालपी निशांत मान ने 53 मामलों में 32 हजार रुपये, सिविल जज जूनियर डिवीजन उरई मनोज कुमार जाटव ने 9 आपराधिक प्रकरणों में और जेएम उरई विवेक विक्रम ने 35 आपराधिक प्रकरणों में 6 हजार 720 रुपये का अर्थदंड अभियुक्तों से जमा कराय।
प्रभारी सचिव सीताराम ने बताया कि धारा 107/116 सीआरपीसी के तहत जनपद के विभिन्न मजिस्ट्रेट न्यायालयों में 180 प्रकरणों का निस्तारण इस लोक अदालत में हुआ। राजस्व न्यायालयों द्वारा भू-राजस्व अधिनियम के 65 वाद सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये गये। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम विश्वकर्मा, आशुतोष चतुर्वेदी, विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिकारी और उनके द्वारा अधिकृत अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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