उरई। हत्या के आरोप में चार वर्ष से जेल में बंद युवक की संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि जेल अधिकारियों ने उसे साजिशन जहर खिलवा दिया। उनका कहना है कि जेल के अधिकारियों को इसके लिए हत्या के शिकार युवक के घरवालों ने भारी रकम खर्च कर सेट कर लिया था।
20 जून 2012 को राजेंद्र नगर में पिंटू अवस्थी की हत्या हो गई थी। इस मामले में उसके पड़ोसी अविनेश अग्रवाल उर्फ प्रिंस (25वर्ष), संजीव गुप्ता और अन्नू को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसी समय से ये सभी आरोपी जेल में बंद थे। प्रिंस को बुधवार को सुबह बिगड़ी हालत में जिला अस्पताल में लाया गया। उसका परीक्षण करने वाले डाॅक्टर का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराये जाने के आधा घंटा पहले ही प्रिंस की मौत हो चुकी थी। प्रिंस का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इसकी रिपोर्ट आने का इंतजार कार्रवाई के लिए कर रही है। हालांकि सरसरी तौर पर माना जा रहा है कि प्रिंस की मौत जहर के असर से हुई है।
प्रिंस के भाई दीपेश ने बताया कि वह एक दिन पहले जेल में प्रिंस से मिला था। तब प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ्य था लेकिन उसने जेल अधिकारियों पर उसकी हत्या करा देने का अंदेशा जताया था। उसने प्रिंस की बात को गंभीरता से नही लिया लेकिन आज उसके साथ हुई अनहोनी से जाहिर हो गया कि उसकी मौत गंभीर साजिश का परिणाम है। दीपेश ने यह भी कहा कि पिंटू अवस्थी के परिजन प्रिंस की हत्या कराने के लिए जेल अधिकारियों से संपर्क साधे हुए थे। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सक्सेना ने कहा कि सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है। ठोस सुबूत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
जुआ हो सकती है वजह
हर महीने जिले की अथाॅरिटी जेल का निरीक्षण करती है। इसके बावजूद जेल में जुआ और नशेबाजी पर रोक नही हो पा रही। सूत्रों ने बताया कि जेल में बंद माफिया अधिकारियों की शह से जेल के अंदर ही जुआ खिलवाते हैं। प्रिंस पर उनका काफी उधार हो गया था। इसे अदा न करने की वजह से वे प्रिंस से चिढ़े हुए थे। उन्हीं लोगों ने प्रिंस की हत्या करा दी।






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