महेबा-उरई। दैवीय आपदा से हुए नुकसान में मदद के लिए किसानों को सुविधा शुल्क लेकर राहत चैक देने वाले लेखपाल की कारगुजारी में निलंबन के बाद भी कोई अंतर नही आया है।
क्षेत्र में मड़ैइया, जीतामऊ और मानपुर के तत्कालीन लेखपाल रामप्रकाश की आॅडियो रिकाॅर्डिंग सामने आ गई थी जिसमें वह चैक का 20 प्रतिशत अग्रिम किसानों से मांग रहा था। अधिकारियों ने रामप्रकाश को निलंबित करके उसका चार्ज रमेश विश्वकर्मा को सौंप दिया था। लेकिन आज भी रामप्रकाश चैक बांट रहा है। रमेश विश्वकर्मा के पास कोई पहुंचता है तो वे उसे रामप्रकाश के पास ही जाने को कह देते हैं और रामप्रकाश पूर्ववत् 20 प्रतिशत लेने के बाद ही चैक दे रहा है। क्या निलंबन के बाद भी रामप्रकाश के प्रभावी रहने की वजह अधिकारियों का उसे वरदहस्त प्राप्त होना माना जाये।




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