cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngकुठौंद-उरई। कस्बे का सरकारी अस्पताल डाॅक्टर साहब के प्राइवेट क्लीनिक में बदल गया है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पास स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग का कार्यभार रखे हुए हैं। लेकिन डाॅक्टर साहब को उनका भी कोई खौफ नही है। वे अस्पताल टाइम में ही फीस लेकर मरीजों को देखते हैं जो कि मुख्यमंत्री के इकबाल को सीधी चुनौती है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के महत्व को देखते हुए इस महकमे की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली थी। जिसके बाद उनके द्वारा इस पर काफी गौर किया जा रहा है। उन्होंने कई बार यह मंशा जताई है कि सरकारी अस्पताल में डाॅक्टर मरीज को पूरी गंभीरता से बिना कोई फीस लिए हुए देखें और उसके लिए आवश्यक सारी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध करायें। सरकारी डाॅक्टरों को कई बार वे प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का अल्टीमेटम दे चुके हैं। इसमें कोई कोताही तो नही हो रही यह जांचने के लिए समय-समय पर कमिश्नर, डीएम और एसडीएम सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करते रहते हैं। इसलिए यह गंभीर बात है कि कुठौंद के सरकारी अस्पताल के डाॅक्टर सुरेश चंद्र अस्पताल समय तक में प्राइवेट प्रैक्टिस से बाज नही आ रहे। आखिर उनका ऐसा कौन सा ताकतवर हिमायती है जिसकी वजह से मुख्यमंत्री के आदेश तक की परवाह उन्हें नही है।
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण शनिवार को तब सामने आया जब कस्बा निवासी राजा सिंह चैहान अस्पताल में अपने लड़के को दिखाने पहुंचे। स्टाॅफ ने बताया कि डाॅक्टर साहब एक-दो घंटे ही अस्पताल में बैठते हैं इसके बाद वे सरकारी आवास में मरीजों को निपटाते हैं। आवास पर देखने के लिए उन्होंने 50 रुपये फीस का रिवाज बना रखा है। राजा सिंह चैहान को भी 50 रुपये देने पड़े तब वे अपने लड़के को दिखा सके। डाॅक्टर की यह दबंगी सारे कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्या डीएम साहिबा मुख्यमंत्री के इकबाल को चुनौती देने वाले इस मगरूर डाॅक्टर के खिलाफ कोई एक्शन लेगीं।

Leave a comment