04orai03कुठौंद-उरई। जालौन-औरैया प्रांतीय मार्ग के सबसे महत्वपूर्ण गांव होने के नाते यहां जमीन की भारी मारामारी है। जिसका फायदा उठाकर दबंग लेखपाल 10-10 हजार रुपये में परती की जमीन पर लोगों का अवैध कब्जा करा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर दबंग लेखपाल की करतूत पर लगाम न लगाई गई तो गांव में परती की जमीन के नाम पर एक विस्वा भी नही बचेगा।
कुठौंद भले ही अभी तक ग्राम पंचायत के रूप में दर्ज हो लेकिन एनएच में जल्द ही परिवर्तित होने जा रहे जालौन-औरैया प्रांतीय मार्ग का यह सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ सेंटर है। जिसके कारण यहां जमीन का भाव जिले के कस्बों से कहीं ज्यादा ऊपर हो गया है। इसकी वजह से भू-माफियाओं का यहां बोलबाला हो उठा है। जिसमें सहायक सिद्ध हो रहे हैं गांव के लेखपाल जान मोहम्मद। परती की जमीन पर कब्जा कराने का उनका 10 हजार रुपये का खुला रेट है। जिससे हर रोज पूरे कस्बे में ताबड़तोड़ कब्जों का सिलसिला जारी है।
सबसे बड़ा कब्जा भोलेनाथ सोनी द्वारा हाल में किया गया है। जिनका सड़क पर ही मैन गेट है। उसके पीछे खलिहान की जमीन को घेरकर उन्होंने पक्की बाउंड्री बना डाली है। जाहिर है कि यह जमीन सड़क किनारे होने से बेशकीमती है। गांव समाज की इस जमीन को सरेआम लुटते देख कई लोगों ने लेखपाल का ध्यानाकर्षित किया लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नही की। अवैध कब्जेदार क्यों डरें क्योंकि सइयां भये कोतवाल अब डर काहे का के मंत्र का सहारा उसे जो है।

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