उरई । ग्राम पंचायत दमरास के निवासियों ने जिलाधिकारी जालौन को शिकायत पत्र सौंपकर ग्राम प्रधान श्रीमती राजकुमारी और ग्राम पंचायत सचिव राहुल पहारिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि दोनों ने कागजों में फर्जी निर्माण कार्य दिखाकर ग्राम निधि, राज्य वित्त, 14वें और 15वें वित्त आयोग की सरकारी राशि में से लाखों रुपये हड़प लिए हैं।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कब्रिस्तान (गाटा संख्या 1333) पर बाउंड्रीवाल और गेट निर्माण का फर्जी कार्य दिखाकर 22 दिसंबर 2025 को जय महाकाल फर्म के नाम क्रमशः 75 हजार, 86 हजार और 10,325 रुपये तथा सोनू के नाम 19,206 रुपये, कुल 1,90,531 रुपये का ड्राउंगल लगाकर सरकारी खातों से राशि ट्रांसफर कर ली गई। जबकि वास्तव में कब्रिस्तान पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। गांव के मुसलमानों ने अपने निजी नंबर गाटा 1359 पर खुद चंदा एकत्र कर बाउंड्री और गेट बनवाया है।

इसी प्रकार अमृत सरोवर तालाब पर वृक्षारोपण और निर्माण के नाम पर भी फर्जी काम दिखाए गए। सुशील सिंह पुत्र रामकुमार के नाम 26,500 रुपये, जय महाकाल फर्म के नाम 16 अगस्त 2025 को 30,000 और 70,000 रुपये, 16 अक्टूबर 2025 को 2,31,799 रुपये, 9 नवंबर 2025 को 60,000 रुपये, 5 फरवरी 2026 को 1,53,216 रुपये तथा 14 अक्टूबर 2025 को सोनू के नाम 10,000 रुपये—कुल 5,81,515 रुपये सरकारी खातों से निकालकर हड़प लिए गए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अमृत सरोवर पर पहले ही मनरेगा योजना से ग्राम प्रधान द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा चुका था। पुराने निर्माण को कागजों में नया दिखाकर धन हड़पा गया।

शिकायतकर्ता केहरी सिंह पुत्र मेघ सिंह और परशुराम पुत्र मिहीलाल (निवासी ग्राम दमरास, विखो महेवा, तहसील कालपी, जिला जालौन) ने बताया कि 24 मार्च 2026 को जिला स्तरीय समिति गठित होने के बावजूद अब तक कोई जांच नहीं हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जिला स्तरीय समिति गठित कर दोनों निर्माण कार्यों की स्थानीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

शिकायत पत्र के साथ केहरी सिंह और परशुराम के शपथ पत्र, कब्रिस्तान की खतौनी की छायाप्रति तथा मुसलमानों के निजी खेत की खतौनी की छायाप्रति संलग्न की गई है। शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर 9336014010 और 8299466997 दिए गए हैं।

Leave a Reply