उरई। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर मनोज शुक्ला ने मंगलवार को एक मामले में भाजपा के चर्चित नेता और पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर के बहनोई पवन राजावत सहित तीन लोगों को 10 वर्ष के कठोर कारावास की अधिकतम सजा सुना डाली। अदालत के फैसले का एलान होने के बाद जजी में वकीलों और अन्य लोगों में खलबली मच गई।
पवन राजावत और उनके साथियों के खिलाफ लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अवर अभियंता प्रवीण कुमार ने 25 नवंबर 2009 को मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा रेढ़र थाने में दर्ज कराया था। बाद में पवन उनके साथी नरेंद्र चैरसिया निवासी पटेल नगर बंबी रोड और छिरिया खुर्द निवासी अजीत सिंह के खिलाफ 18 मार्च 2010 को गैंगस्टर तामील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार पवन राजावत ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने घटना के समय छिरिया खुर्द की सड़क बनाई थी जिसे जेई प्रवीण कुमार पास नही कर रहे थे। पवन राजावत का काफी पेमेंट जब इसकी वजह से अटक गया तो वे बौखला गये। इसके बाद हुई घटना को लेकर उनके खिलाफ कड़ा एक्शन हुआ। बताया जाता है कि उन पर कार्रवाई के तार राजनीतिक कारणों से भी जुड़े हुए थे।
आम तौर पर पवन राजावत को सौम्य और मिलनसार माना जाता है। इस कारण उन्हें सजा की खबर जंगल की आग की तरह पूरे जनपद में फैल गई। लोग इस खबर से एक बारगी स्तब्ध से रह गये। बाद में काफी लोग अदालत परिसर भी पहुंचे गये।
अदालत ने तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ उनसे 1-1 लाख रुपये जुर्माना वसूलने का आदेश भी जारी किया है। अदालत ने लिखा है कि जुर्माना न देने पर तीनों को एक-एक साल और जेल रखा जाये।






Leave a comment