10orai06उरई। जिलाधिकारी द्वारा कुपोषण मुक्ति के लिए गोद लिये गये डकोर ब्लाॅक के मड़ोरा गांव में शनिवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर लगभग 200 बच्चों को छात्रों समेत कीड़े मारने की दवा पिलाई गई।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी संदीप कौर के साथ सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार, बेसिक शिक्षाधिकारी प्रदीप कुमार पाण्डेय, प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सत्य प्रकाश और डाॅ. बीएम खेर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रेमप्रताप सिंह, डाॅ. धर्मेंद्र सिंह आदि भी थे। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे और किशोर राष्ट्रीय धरोहर हैं जो आगे चलकर देश के भविष्य का निर्माण करेगें। उनके स्वास्थ्य की चिंता राष्ट्रीय कर्तव्य की तरह की जानी चाहिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अशोक कुमार ने कहा कि आज देश भर में डी-वर्मिंग डे मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के नंगे पैर घूमने और मिटटी खाने की आदत की वजह से उनके अंदर हानिकारक कीड़े पनपने लगते हैं। यह कीड़े कई गुने बढ़ते हैं। इनके कारण बच्चा मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरह की बीमारी का शिकार हो जाता है। बच्चे का पढ़ाई से उचाट हो जाता है इसीलिए 1 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों को कृमि मुक्ति कार्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी श्रंखला में 17 सितंबर को मोपिंग-डे के तहत जो बच्चे और छात्र आज दवा पीने से छूट गये हैं उन्हें दवा खिलाई जायेगी।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी, प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल स्तर तक के लगभग दो सौ बच्चे और छात्र मौजूद थे। प्रधान ने जिलाधिकारी का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों से निष्ठा के साथ डी-वार्मिंग प्रोग्राम को सफल बनाने की अपील की।

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