उरई। बच्चाराम का नाम उरई के गौरव के साथ जुड़ा है जिसकी खातिर दीपावली के दिन पुलिस के यातायात दस्ते की पूरी ताकत दुकानदारी में उनकी सहूलियत पर झोंक दी गई ।
बच्चाराम की दुकान उस दिन पूरी सड़क पर फैली रही । आधी से ज्यादा सड़क कवर किए थे उनके तखत लेकिन पुलिस ने न केवल इस पर चूँ नहीं की बल्कि तमाम होमगार्ड और सिपाही उनकी दुकान पर ग्राहकों को सम्हाले रखने की ड्यूटी मुस्तैदी से निभाते देखे गए । उनकी ख़िदमत पुलिस ने अपना सबसे बड़ा फर्ज जो मान रखा है ।

बच्चाराम हर वर्ष मिठाई के कारोबार में करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं लेकिन प्रशासन की मेहरबानी की वजह से वाणिज्यकर में उन्हें लगभग पूरी छूट प्रदान है । हालांकि दिलजले उनकी दुकान के लिये दीपावली के दिन किए गए यातायात प्रबंधन को मुफ्त में मिठाई के डिब्बों के अहसान के बदले पुलिस द्वारा उनकी गुलामी का नमूना करार देते हैं । इन लोगों का कहना है कि सरकारी बैठकों के लिए बच्चाराम की ही दुकान से लंच पैकेट बनवाये जाते हैं जो कई गुना ज्यादा महंगे होते हैं और इन पर बच्चाराम से बड़ा कमीशन अधिकारियों को मिलता है । इसका पूरा लाभ बच्चाराम को दिया जा रहा है ।







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