उरई। प्रत्येक मनुष्य को प्यार से बोलना चाहिए। अहंकार, घमंड, क्रोध व किसी की बुराई नहीं करना चाहिए। सदैव अच्छी वाणी मुख से निकालना चाहिए। संसार में प्यार के अलावा कुछ भी नहीं है। यह बात निंकारी सत्संग के दौरान फिरोजाबाद से पधारे महात्मा रमेशचंद्र जी ने उपस्थित श्रोताओं के समक्ष कही।
स्थानीय मोहल्ला चुर्खीबाल में सरमनलाल कुशवाहा के निवास पर निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें फिरोजाबाद से पधारे महात्मा रमेशचंद्र जी ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को प्यार से बोलना चाहिए। अहंकार, घमंड, क्रोध व किसी की बुराई नहीं करना चाहिए। सदैव अच्छी वाणी मुख से निकालना चाहिए। संसार में प्यार के अलावा कुछ भी नहीं है। मनुष्य को अपने मुख व वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि उसकी वाणी से किसी के मन को ठेस न पहुंचे क्योंकि वाणी का घात सर्वाधिक घातक है। इस दौरान इलाहाबाद से पधारे महात्मा भीखमजी, विमलाजी, कंचनजी व रमेश कुमार ने भी सत्संग को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कृष्णगोपाल चैरसिया ने किया। इस मौके पर वंश गोपाल सोनी, राखी देवी धंजा, त्रिभुवन उरई, रामप्रकाश खैरई सुरेश निरंजन पहाड़पुरा पलक बाबई रेखा चैरसिया, वीरेंद्र, माताप्रसाद, सतीश गुप्ता, दौलतराम, तुलाराम, सुंदरलाल, आशा देवी, सीता सोनी, नीतू सोनी, रेखा राठौर, खुशी, गीता यादव आदि सहित एक सैंकड़ा से अधिक लोग उपस्थित रहे।

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