जालौन – उरई ।बाबा साहेब ने समूचे समाज को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा था कि भूख और गरीबी से लड़ने के लिए शिक्षा अचूक हथियार है। यह बात समाजसेवी धीरज बाथम ने मुहल्ला हरीपुरा में वंचित बच्चों को पढ़ने की सामग्री वितरित करते हुये कही। बाबा साहब की जयंती पर आयोजित इस  कार्यक्रम में गरीब बच्चों को निशुल्क कोचिंग  मोहल्ले में ही उपलब्ध कराने का वादा करते हुए धीरज बाथम ने कहा कि कोचिंग का सारा खर्च वह स्वयं अपने वेतन से देंगें। इस मौके पर डाक्टर शैलेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें   प्रेरणा देता है कि बुराई के विरुध्द अनवरत संघर्ष करना चाहिए। वर्तमान में नशा खोरी एक बुराई है। हमें इसके खिलाफ संगठित होकर लडना चाहिए। इसके पहले तीस बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी व कला की कापियां, पेन, पेन्सिल, रबर, कटर, व स्केच कलर दिये गये। जिन्हें पाकर बच्चे खुश हो गये। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक शैलेंद्र ने बच्चों को रोज स्कूल जाने की शपथ दिलाई। वहीं माता पिता की बात मानने का वादा लिया। इस मौके पर हरिश्चन्द्र जाटव, कन्हैया जाटव, मूल चन्द्र जाटव समेत कई लोग उपस्थित थे।

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