उरई। कदौरा में रविवार की रात एक विवाह समारोह में जंगलराज की सारी सीमाएं तोड़ दी गईं। नाच-गा रहीं लड़कियों के बीच दो बाहरी युवकों ने रंगबाजी दिखाने के लिए अपनी रायफल से फायरिंग शुरू कर दी। यह देखकर लोग दौड़े तो वे उन पर हमलावर हो उठे। लेकिन भीड़ ने दोनों को दबोच लिया और उन्हें एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। इस बीच कदौरा थाने सूचना कर दी गई। बताया जाता है कि उपद्रव करने वाले युवक मौरंग खनन से जुड़े रहने के कारण पुलिस के खास थे। इसलिए उन्होंने दुस्साहस की पराकाष्ठा करते हुए जिस कमरे में उनको बंद किया गया था। उसके रोशनदान से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं नतीजतन गेस्ट हाउस में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्ष दर्शियों का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद कार्रवाई करने की बजाय उन युवकों को भाग जाने का मौका देने की कोशिश की। जिससे एक युवक कमरे से गायब हो जाने से सफल रहा। उधर क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र सिंह जादौन को भी लोगों ने फोन कर दिया। वे उस समय कुठौंद थे और तत्काल वहां से चल पड़े। रात में ही वे भी कदौरा पहुंच गये। इस बीच सीओ कालपी सुबोध कुमार गौतम ने आकर मोर्चा संभाला। उन्होंने अन्य थानों की फोर्स और महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी को भी तलब कर लिया। सीओ के कठोर रुख के चलते एक उपद्रवी और उसके बचाव में आये उसके मामा व दो लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रविवार को कदौरा के हरीओम गेस्ट हाउस में सोंधी मवई निवासी दयानिधि तिवारी की बेटी की शादी थी। बारात आने का इंतजार हो रहा था। जश्न के माहौल में दयानिधि के परिवार की लड़कियां नाच-गा रही थीं। इसी दौरान रायफल लिए दो युवक बाहर से उनके बीच में पहुंच गये और उन्होंने लड़कियों को टेªलर दिखाने के लिए फायर कर दिये। जिससे दयानिधि के परिजन और रिश्तेदार भड़क गये। वाद-विवाद के बाद उन्होंने दोनों युवकों को कमरे में बंद कर दिया। उन युवकों की जुर्रत इसके बाद भी कम नही हुई। उन्होंने कमरे के रोशनदान से फायर करते हुए दहशतगर्दी का नंगा नाच किया और अपने घरवालों को फोन कर दिया। तब तक पुलिस आ चुकी थी लेकिन उसका रवैया लीपापोती वाला था। पुलिस की मौजूदगी में ही कमरे में बंद एक लड़का भाग गया। आरोपी के घर से उसकी बहनें और मामा भी लड़ने के लिए आ गये। उन्होंने पुलिस के सामने ही दहेज के सामान में जमकर तोड़फोड़ की।
उधर विधायक नरेंद्र सिंह जादौन और सीओ सुबोध कुमार गौतम के पहुंच जाने से मामला सुधरा। सीओ ने कमरे में बंद कदौरा के मुमताजाबाद मोहल्ले के निवासी मुख्तार बेग उर्फ भूरा को गिरफ्तार करवा लिया। उसने अपनी रायफल बाहर फेंक दी थी। सीओ ने अपने सामने तलाशी करवाई तो रायफल भी बरामद हो गई। साथ में उसके मामा को पकड़ लिया गया। महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी ने उपद्रव में बढ़चढ़कर भागीदारी कर रहीं मुख्तार की बहनों को भी हिरासत में ले लिया। तब तक उन लड़कियों के हौसले पस्त हो चुके थे। उनमें से एक लड़की ने बताया कि उसकी कल शादी होने वाली है तो दयानिधि ने मानवता दिखाई और उसे छुड़वा दिया। एतिहात के तौर पर कदौरा के अलावा सिरसाकलार व कालपी की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई थी। पूरा फोर्स जब तक शादी निपट नही गई तब तक मौके पर रहकर चैकसी करता रहा। लोगों का कहना है कि यह जो कुछ हुआ इंतहा थी। इसलिए पकड़े गये उपद्रवियों पर एनएसए की कार्रवाई होनी चाहिए।







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