उरई। जालौन में गैरकानूनी तरीके से मिटटी खोदने वाले चर्चित माफिया रिजवान पर स्थानीय पुलिस की मेहरबानी सरकार बदल जाने के बाद भी कम नही हुई है। गत् दिवस उन्होंने रिलायंस पैट्रोल पंप के पास जब जेसीबी से मिटटी खुदवाने की कोशिश की तो पंप के चैकीदार ने उन्हें टोक दिया। इससे नाराज रिजवान ने उसे धमकियां देते हुए जाति सूचक शब्दों के साथ गालियां दीं। पीड़ित ने कोतवाली में रिजवान के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन चूंकि रिजवान पुलिस का अन्नदाता हैं इसलिए मुकदमा दर्ज न करके पुलिस इस पर जांच की बात कह रही है।
नई सरकार ने खनन माफिया सहित सभी श्रेणियों के वर्तमान में सक्रिय माफियाओं को सूचीबद्ध करके उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किये थे। लेकिन मुश्किल यह है कि माफियाओं से ही तो अधिकारियों और पुलिस के लोगों की गृहस्थी चलती रही है। जबकि अभी उनकी वर्तमान तैनाती में फेरबदल नही हुआ है तो वे अपने इन आकाओं के साथ नमक हरामी कैसे कर सकते हैं। जालौन में सभी को पता है कि रिजवान की मिटटी को अवैध रूप से खुदवाने में गत् सरकार के समय किस तरह तूती बोलती थी। जिसके चलते उसने खुद की करोड़ों की हैसियत बना ली और अपने जेबी अधिकारियों और पुलिस के लोगों को भी जमकर कमवायां। कायदे से होना तो यह चाहिए था कि जालौन में योगी सरकार की माफिया विरोधी मुहिम में सबसे पहले उस पर शिकंजा जकड़ा जाता लेकिन रिलायंस के पैट्रोल पंप के चैकीदार अभिलाख की तहरीर सामने आने के बाद यह भंडाफोड़ हुआ कि रिजवान पर कार्रवाई होना तो दूर उसके द्वारा अवैध खनन का धंधा भी बदस्तूर जारी है।
रिलायंस पैट्रोल पंप के पास रिजवान का महीनों से तय प्वाइंट है जहां उसके लोग रात में जेसीबी मशीन लगाकर दर्जनों ट्रैक्टर मिटटी उठवाते हैं। पिछले दिन रिजवान अपने अंदाज में मिटटी खुदवा रहा था लेकिन अभिलाख उस समय डयूटी पर होने की वजह से इसे इग्नोर नही कर पाया। उसने रिजवान के लोगों को यहां खुदाई करने से रोका जिस पर रिजवान भड़क गया। मां-बहन करते हुए उसे धमकिया दीं। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि थाने आने वाले पीड़ित की पहले तहरीर लिखी जाये इसके बाद जांच की जाये लेकिन जालौन के कोतवाल फुंदनलाल अपने आपको कानून का ब्रह्मा, विष्णु, महेश समझते हैं जो कानून बनाता भी है, उसकी रखवाली भी करता है और कानून को ठिकाने भी लगाता है। इसलिए उन्होंने कोर्ट की रूलिंग से अलग हटकर अपना यह कानून लागू किया है कि पहले माफिया के खिलाफ तहरीर का जांच के नाम मटठा करो और इसके बाद आगे की सोचो।







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