उरई। पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही 16 सूत्रीय मांग पत्र के निराकरण के लिए आज प्राथमिक शिक्षकों ने जुलूस प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्टेªट को सौपा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह भाटिया, मंत्री संजय दुबे, कोषाध्यक्ष दिनेशनामदेव के साथ ही रामराजा द्विवेदी, नरेश निंरजन, रामअवतार सिंह, अनुराग मिश्रा, जगत निरंजन, दीपक पाठक, अशोक त्रिपाठी, राकेश शुक्ला, रामकिशोर, महेन्द्र वर्मा, अमृतलाल, हरपाल यादव, उमेश सोनी, सुरेश वर्मा, प्रेमचंद्र निरंजन, अजय सिंह, प्रवीण पाठक, अजय कुमार, इंदल राजपूत, रामशरण, बड़ेराजा, रामसनेही राजपूत, दीपक पटेल, सुनील श्रीवास्तव, मनीष समाधिया, सोम त्रिपाठी, मनोज महेश्वरी, अरूण निरंजन, योगेन्द्र सिंह जादौन, लालजी पाठक, राघवेन्द्र निरंजन, संजय निरंजन, उदयकरन राजपूत, विपिन उपाध्याय, अनुराग मिश्रा, राजेश शुक्ला, ब्रजेन्द्र राजपूत, अशोक त्रिपाठी, युद्धवीर सिंह कंथरिया, राममोहन वाजपेई सहित सैकड़ों शिक्षकों ने जिला बेशिक शिक्षाधिकारी कार्यालय से कलेक्टेªट परिसर तक हंगामी जुलूस निकाला जहां उन्होंने धरना सभा की। सभा की अध्यक्षता महेन्द्र भाटिया, संचालन जिला मंत्री संजय दुबे ने किया। नगर मजिस्टेªट नत्थूप्रसाद पांडेय को दिए गए ज्ञापन में एक अप्रैल 2005 से नियुक्त हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से अच्छादित करने, विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल, बैठने के लिए फर्नीचर, शौचालय, बिजली पंखे आदि की व्यवस्था की जाए, विद्यालय की रंगाई पुताई रखरखाव, छात्रों की यूनीफार्म की लागत मद में मंहगाई को देखते हुए वृद्धि की जाए, परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक के हजारों पद रिक्त पड़े हुए है। इसलिए उन्हें रिक्त पदों पर पदोन्नति किया जाए। वर्ष 2017-18 हेतु परिषदीय विद्यालयों में समायोजन नीति निर्गत की गई है। जिसमें पद सृजन हेतु 30 अप्रैल 2017 की संख्या को आधार बनाया गया है जबकि प्रदेश में विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया गतिमान है। इसलिए 31 जुलाई 17 की संख्या को आधार माना जाए। एक जनवरी 2016 के पश्चात सेवानिवृत बेशिक शिक्षकों को पेंशन निर्धारण में सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का शासनादेश निर्गत करने के अलावा कई अन्य समस्याओं के निराकरण की मुख्यमंत्री से मांग की गई है।

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