उरई। एक विवाहिता शुक्रवार देर रात दहेज लोभियों की भेंट चढ़ गई। आरोप है कि ससुरालियों ने महिला पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया जिसकी उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने हंगामा काटा, इसके बाद जब वह थाने पहुंचे तो उनकी पुलिस ने नहीं सुनी तो वह देर रात एसपी आवास पहुंच गए, जहां शिकायती पत्र दिया। इसमें रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया।
सिरसा कलार के मिसुुरपुरा अटरा खुुर्द निवासी सुरेंद्र कुमार पुत्र निकसाई ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी संगीता की शादी वर्ष 2010 में बलवान सिंह पुत्र रामगोपाल निवासी कैंथ थाना कोतवाली जालौन के साथ की थी। इस दौरान दहेज में सारा सामान दिया गया। इस दौरान बेटी को एक पुत्री भी हुई, लेकिन कुछ महीने बाद दामाद बलवान की मौत हो गई। ससुरालियों व मायके वालों की सहमति पर बेटी का विवाह कुछ महीनों बाद वर्ष 2015 में मृतक के देवर हरनाम से कर दी गई। कुछ महीनों सब कुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन इसके बाद से बेटी को परेशान किया जाने लगा। पिछले एक साल से ससुराली उससे दहेज में बाइक व सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे। जब हम लोगों ने असमर्थता जताई तो उन्होंने बेटी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बेटी ने इसकी जानकारी उन लोगों को दी तो उन्होंने ससुराल पहुंचकर समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद भी ससुराली नहीं माने। बीती शुक्रवार की देर रात बेटी ने फोन कर अपनी पिटाई की जानकारी दी। जब तक वह पहुंचते, इसके पहले ही ससुरालियों ने उसके ऊपर मिट्टी डालकर उसे आग के हवाले कर दिया था। मौके पर बेटी को झुलसा देख वे स्तब्ध रह गए और वह फौरन ही उसे पास के स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। इसको लेकर पीड़ित कोतवाली पहुंचे, जहां पर पीड़ित की नहीं सुनी गई। इसके बाद आक्रोशित पीड़ित एसपी आवास पहुंचे, जहां पर उन्होंने ज्ञापन दिया और पुलिस पर आरोप मढे़।
पीड़ित को कोतवाली से दुत्कार कर भगाया
भले ही सूबे के डीजीपी सुलखान मातहतों को फरियादियों व पीड़ितों के साथ शालीनता से पेश आने की नसीहत दे चुके हैं, पर जालौन कोतवाली प्रभारी पर इसका असर नहीं दिख रहा है। जब बेटी को जलाकर मारने की तहरीर लेकर पीड़ित कोतवाली पहुंचा तो उसकी बात सुनने के बाद भी कोतवाल ने उसे दुत्कार कर भगा दिया।







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