उरई। करोङो रुपया दबाकर चुप्पी साधे अपने घरों में दुबके और निवेशकों के भुगतान प्रक्रिया में सीनियर माफिया एजेंट पारदर्शिता की अनदेखी कर आलीशान कोठी व लग्जरी वाहनों से सैर कर रहे अधिकारियों के खिलाफ जीसीए संघर्ष मोर्चा ने तीन दिवसीय प्रदर्शन की हुंकार भर दी।
कई बर्षो से भुगतान के इंतजार में बैठे निवेशक आज जीसीए संघर्ष मोर्चा बनाकर जी सीए आफिस में तीन दिवसीय धरने पर बैठ गये। मोर्चा के संरक्षक कामरेड कम्वोद सिंह राणा के साथ कम्पनी के सैकड़ो एजेण्ट जीसीए संघर्ष मोर्चा के सदस्य व पदाधिकारी वनकर तीन दिवसीय धरने का प्रदर्शन कर रहे है। कम्वोद राणा ने कहा मोर्चा तब तक शांत नही बैठेगा जब तक सभी निवेशकों का पारदर्शिता के साथ भुगतान नही होगा। निवेशकों को डर सताने लगा कि जीसीए के माफिया एजेंट जो कम्पनी एमडी के इर्द-गिर्द घूमकर अपने नाम करोड़ो की समाप्ति हजम करके नीरव मोदी की तरह घोटाला कर भागना चाहते है प्रशासन को कई वार अवगत कराया इसके वाबजूद प्रशासन के सिर में जूँ तक रेंगती नजर नही आ रही है। उक्त कम्पनी मैनेजर विना चार्ज लिए निवेशकों को दुत्कारता नजर आता है। यही नहीं कम्पनी की चल-अचल संपत्ति में विशिष्ठ सीनियरों की हिस्सेदारी है जो प्रशासन को बखूखी जानकारी है। आंदोलन करने बाले मोर्चा के सदस्यों को धमकाया जा रहा है। जब कम्पनी घोटाला कर भाग ही जाएगी तभी जागेगा जनपद जालौन का प्रशासन, नही तो जांच कमेटी बनने के वाद भी गरीव निवेशको के दर्द को क्यो नही समझ जा रहा है।
एक हजार करोड़ से अधिक जमा है जीसीए में गरीबो का धन
जीसीए मार्केटिंग,फोना,सोसाइटी,एक और नई दुकान जिसका अभी लोगो को पता नही है बो भी चोरी चुपके से चलने लगी। उक्त में जमा पैसा का समय पूरा हो चुका है फिर भी निवेशको का भुगतान नही किया जा रहा। शाखा उरई के मुताविक निवेशको का 10 करोड़ रुपया अभी जमा है जिसका भुगतान बाकी है। जबकि पूरे देश मे उक्त कम्पनी का 1000 करोड़ से अधिक भुकतान शेष है जो तीन साल से वापिस नही किया जा रहा है। छोटे अभिकर्ता निवेशको की गालियां खा रहे है और आत्म हत्या करने जैसी स्थिति में जी रहे है ।
जीसीए भी पीएनवी घोटाला न बन जाए
जीसीए संघर्ष मोर्चे ने तीन दिवसीय आंदोलन का रूप इसलिए दिया कि पीएनवी घोटालेबाज नीरव मोदी की तरह जीसीए मालिक प्रीतम सिंह भी विदेश के लिए रफूचक्कर न हो जाये।जिससे पहले सरकार ,शासन ,प्रशासन को मोर्चा अवगत कराता है कि सावधान !







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