माधौगढ़-उरई । किसानों के लिए नासूर बनी अन्ना जानवरों की समस्या पर प्रशासन और किसानों के मध्य हर तीसरे दिन निजात पाने का मंथन जारी है। लेकिन धन के बजट का इंतजाम न होने से कोई हल नहीं निकल सका। हालांकि प्रशासन ने अस्थायी तौर पर खाली पड़ी शक्कर मील को चिन्हित किया,लेकिन तार और लोहे की एंगिल की बजह से मामला फिर लटक गया।

एक महीने से प्रशासन किसानों की चिंता में शामिल होकर रोज नई तरकीबें ढूंढ रहा है।लेकिन अस्थाई इंतजाम के लिए संसाधन जुटाना प्रशासन और किसानों दोनों को ही भारी पड़ रहा है। जिससे अन्ना जानवरों से निपटने का कोई समाधान नहीं निकल पाया। एसडीएम मनोज सागर,कोतवाल रामसहाय और एस आई प्रमोद कुमार ने आज फिर गौरक्षा समिति के साथ नगर पंचायत कार्यालय में अन्ना पशुयों की समस्या पर बैठक की। उसके बाद शक्कर मील का मुआयना किया गया। हालांकि उसके हॉल में 200-250 गायों को रखा जा सकता है। लेकिन किसानों का मत था कि अकेले हॉल से काम नहीं चलेगा। इसके लिए पूरे परिसर को तार से बेरिकेट कर दिया जाए तो अस्थायी गौशाला का रूप हो जाएगा। लेकिन तार और एंगिल में ज्यादा धन खर्च होने से बात बिगड़ गई जबकि डिकौली गांव के किसानों ने चारा और पानी की व्यवस्था के लिए 50 हजार का चंदा देने का एलान कर दिया। वैसे पुलिस ने भी 10 हजार का सहयोग देने को कहा है। किसान चाहते हैं कि जल्द से जल्द समस्या का हल हो जाये ताकि उनकी फसलें सही सलामत  रह सकें।

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