कालपी-उरई । शासन से जनपद के लिए  नामित नोडल अफसर मिनिस्ती एस ने गुरुवार को स्थानीय तहसील, कोतवाली तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया ।  कमियां पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी।

 

नोडल अधिकारी के साथ सीडीओ ए.पी सिंह, अपर जिलाधिकारी पी.के सिंह, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला तथा सीओ सुबोध गौतम थे । नायब तहसीलदार न्यायालय के निरीक्षण में  143 वाद लंबित देखकर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिये। 5 वर्षों से अधिक पुराने कोई वाद नहीं पाये गये। कंप्यूटर कक्ष में नोडल अधिकारी ने एक उद्धरण खतौनी को कंप्यूटर प्रभारी छविनाथ से निकलवाकर अवलोकन किया । पूर्ति विभाग के कार्यालय में मौजूद उपभोक्तओं से नोडल अधिकारी ने पूछा कि नई पद्धति में सरकारी खाद्यान्न सामग्री सही ढ़ग से उपलब्ध होती है तो कार्डधारकों ने  मशीनों में अंगूठा लगाने के बावजूद सामग्री उपलब्ध न होने की शिकायत उठाई। नोडल अधिकारी ने जल्द व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिये।

तहसील के अभिलेखागार के निरीक्षण में पटल प्रभारी सुनीता देवी से कई गांव के 1359 फ़सली खसरा निकलवा कर रखरखाव की हकीकत देखी। संग्रह विभाग का अवलोकन करते हुये उन्होंने विद्युत एवं राजस्व देय को सख्ती से वसूलने की हिदायत दी।

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सालिकराम, नायब तहसीलदार भान सिंह, राजस्व कानूनगो मुन्नालाल, रामदत्त, अशोक कुमार श्रीवास्तव, सलीम खान, धीरज पुरवार, शमशाद खान आदि कर्मचारियों के अलावा सीओ सुबोध गौतम, कोतवाल सुधाकर मिश्रा, नगर पालिका ईओ सुशील कुमार दोहरे मौजूद रहे।

सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था की हुई शिकायत

इस दौरान हिंदू जागरण मंच के नगर अध्यक्ष नीलम शुक्ला ने शिकायती पत्र के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था का मामला उठाते हुए नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस से उचित चिकित्सीय सुविधा प्रदान करने की मांग उठाई।

नगर अध्यक्ष ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर की दवा का पर्चा थमा दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर गरीब लोगों को दिक्कत होती है। उन्होंने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए बताया कि चिकित्सक एवं कर्मचारी अस्पताल में नहीं रुकते हैं बल्कि प्रतिदिन औरैया, कानपुर, पुखरायां अपने निजी आवासो में पहुंच जाते हैं। जिससे चिकित्सीय कार्य प्रभावित होता है।

अधिवक्ताओं ने उठाई समस्याये

 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बाबू श्रीवास्तव के नेतृत्व में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील परिसर में नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस को पत्र सौंपते हुए अधिकारियों की शिकायत की।

अधिवक्ताओं ने बताया कि कंप्यूटर में खातेधारक कृषक का त्रुटिपूर्व नाम को सुधारने के लिए चक्कर लगवाये जाते है। उन्होंने कहा कि तमाम मामले बिना वजह लटकाये हुये हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याये के निस्तारण की मांग उठाई।

नोडल अधिकारी ने कोतवाली के कार्यों का निरीक्षण किया

 

नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने कोतवाली का निरीक्षण करके व्यवस्थाओं को परखा तथा जिम्मेदारों को जरूरी निर्देश दिये। कोतवाली पहुंचने पर उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने सलामी दी।

नोडल अधिकारी मुंशियाने अभिलेखों का आपराधिक रजिस्टर ,  नम्बरो, नारी अपराध एवं लंबित विवेचना का हकीकत जानी तथा प्रभारी निरीक्षक एवं सब इंस्पेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिये। कंप्यूटरीकृत कक्ष में सी.सी.टी.एन.एस. प्रभारी दीवान शिवकुमार रावत व महिला कॉन्स्टेबिल दिव्या से ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण तथा फीडिंग की हकीकत जानी। इसी प्रकार उन्होंने शास्त्रागार एवं निर्माणाधीन शौचालय का निरीक्षण किया। कोतवाल सुधाकर मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार तिवारी, दरोगा मंसूर अंसारी, मनोज गुप्ता, हर्ष वर्मा, ओमवीर सिंह, दीवान अमर सिंह, कौशलेंद्र सिंह, कैलाश बाबू, अर्चना यादव आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

 

अस्पताल के निरीक्षण में खुली हकीकत

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में नोडल अधिकारी कुत्ता बंदर से काटने की वजह से मरीजों को लगने वाले एंटी रैबीज के इंजेक्शन का प्रयोग देख कर दंग रह गई। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने का जल्द अभियान चलाया जाये।

नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस अपने निरीक्षण के दौरान औषधि वितरण कक्ष पहुंची तो अभिलेख देख कर पता चला कि प्रतिदिन पांच से छह रोगियों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाये जाते हैं । मरीज भी कालपी नगर के हैं। इसी दृष्टिकोण से नोडल अधिकारी ने उप जिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला तथा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिये कि आवारा कुत्तों तथा कटखने बंदरो को पकड़ने हेतु कदम उठाये जाये।

इसी क्रम में सीएमओ अल्पना बरतरिया के साथ नोडल अधिकारी ने प्रसवोत्तर केंद्र, टीकाकरण कक्ष, शल्य कक्ष, प्रयोगशाला, नेत्र विभाग,  एक्सरे कक्ष  तथा ओपीडी कक्षों का निरीक्षण किया। अस्पताल के मरीजों से बातचीत कर चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में जानकारियां लेकर चिकित्सकों तथा कर्मचारियों को निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी पीके सिंह, सीडीओ के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक विभाग के अफसर मौजूद रहे।

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