उरई. बाहर फंसे लोगों की सकुशल घर वापसी के मुद्दे का समाधान अभी भी नहीं हो पा  रहा है. रामपुरा की 2 गूंगी बच्चियों का मामला सबसे मार्मिक है जो इंदौर में मूक बधिरों के स्कूल के हॉस्टल में लॉक डाउन के दिन से कैद हैं और घर वापसी के लिए बुरी तरह छटपटा रहीं हैं.
इनमें 12वर्ष की सबा जिलानी है जिसके पिता रईस की मौत एक सडक दुर्घटना में हो गयी थी. सबा के चाचा रानू कहते हैं कि वे बच्ची को लाने के लिए किससे मदद मांगे कोई नहीं सुझा पा रहा
. दूसरी बच्ची रामपुरा की ही उसकी हम उम्र साक्षी गुप्ता है.

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