उरई। ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार युवक के पैसे पुलिस के साइबर सेल के कारगर प्रयासो से वापस मिल गये। इससे साइबर सेल की विश्वसनीयता के आयाम स्थापित हुये हैं।
पहले साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों का पुलिस की शरण में जाना बेमकसद की कवायद बनकर रह गया था लेकिन साइबर सेल गठित होने के बाद इसमें बदलाव आ रहा है। साइबर सेल की सार्थकता का ताजा उदाहरण इसका प्रमाण है।
बताया गया है कि संचय गुप्ता से साइबर ठग ने झांसा देकर एक लाख उन्चास हजार रूपये की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली थी। जिसकी शिकायत संचय ने पुलिस अधीक्षक से की तो उन्होने साइबर टीम को मामला सौप दिया। उसकी प्रभावी कार्यवाही से अंततोगत्वा संचय गुप्ता के खाते में उसकी पूरी रकम वापस आ गयी।
साइबर टीम के उपनिरीक्षक राहुल सिंह, वीर विक्रम और आलोक का इसमें विशेष रोल रहा। उन्होने अपील की है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे फोरन 1930 या 112 हेल्पलाइन नम्बर पर सूचना देना चाहिये जिससे उसकी धनराशि हथियाने वाले खाते को होल्ड कराया जा सके।

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