जनता दरबार बना सुशासन का सफल मॉडल, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की संवेदनशीलता ने जीता जन विश्वास

उरई: कुछ जिलों में इतर स्थितियों के कारण सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हों, लेकिन जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के कुशल नेतृत्व और सक्रिय रवैये ने जनता दरबार को सुशासन का एक बेहतरीन मॉडल बना दिया है।

बुधवार को जनता दरबार के दौरान इस संवाददाता को अनौपचारिक रूप से मौजूद रहने का अवसर मिला। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी का कक्ष आम जनता के लिए पूरी तरह खुला रहा। बिना किसी रोक-टोक के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे थे।

सुदूर गांव से आए फरियादी की शिकायत पर सख्ती

कोंच क्षेत्र से एक फरियादी लेखपाल के कदाचार की शिकायत लेकर पहुंचा। उसने बताया कि सारे तथ्य होने के बावजूद विभागीय पक्षपात के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने प्रार्थना पत्र को गौर से पढ़ा और तुरंत एसडीएम कोंच व तहसीलदार कोंच को ऑनलाइन बुलाया। जब जवाब नहीं मिला तो वे नाराज हो गए और मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह को निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, एसडीएम व तहसीलदारों की हाजिरी चेक करें। जो ऑनलाइन नहीं जुड़ा, उसका आज का वेतन रोक दिया जाए।

जिलाधिकारी ने सदर उप जिलाधिकारी को तुरंत कोंच भेजकर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

भूमाफिया पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश

एक युवा महंत ने आश्रम बनाने के लिए ली गई जमीन में धोखाधड़ी की शिकायत की। जांच में सामने आया कि विक्रेता ने बिना मालिकाना हक के बैनामा किया और एक ही जमीन कई बार बैनामा की गई। जिलाधिकारी ने सदर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह को निर्देश दिया कि आरोपी के विरुद्ध सभी फर्जी बैनामों का विवरण लेकर लेखपाल से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जाए। अगर लेखपाल हिचकिचाए तो उसे भी सहयोगी मानते हुए निलंबित करने में संकोच न किया जाए।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बेसहारा को आवास और रोजगार

वीरपुरा निवासी बेसहारा राघवेन्द्र के मामले में जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक (DRDA) को फोन कर निर्देश दिया कि संबंधित बीडीओ को कहें कि उन्हें इंदिरा आवास उपलब्ध कराया जाए और मनरेगा में जॉब कार्ड बनाकर गारंटीड रोजगार की व्यवस्था की जाए।

वकीलों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई

कलेक्ट्रेट के वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाष सिंह सेंगर, चौधरी जयकरण सिंह निरंजन, राम प्रकाश, मोतीलाल पाल, निरपत यादव, इंद्रजीत आईजे, प्रदीप यादव, शिवाकांत पाठक, मोहिनी, अमन मिश्रा, मीना वर्मा आदि शामिल थे, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत में कुर्सियों की कमी और खराब एसी की शिकायत की।

जिलाधिकारी ने ग्रामीण विभाग को न्यायालय का सुंदरीकरण करने और नजरात प्रभारी को 2 टन का नया एसी लगवाने तथा पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

जनता दरबार में समस्याओं के त्वरित निस्तारण की ये बानगी जालौन प्रशासन की संवेदनशीलता और सुशासन की मिसाल बन गई है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के इस रवैये ने आम जनता में शासन के प्रति विश्वास बढ़ाया है।

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