0 अन्य प्रत्याशी नहीं कर सके पचासा पार
0 सांसद भानुप्रताप वर्मा ने भी किया मताधिकार का प्रयोग
0 शेष पदाधिकारी पहले ही चुने जा चुके हैं निर्विरोध
कोंच-उरई। बहुत ही प्रतिष्ठापूर्ण बारसंघ चुनाव में पूरी कमेटी के निर्विरोध चुन लिये जाने के बाबजूद अध्यक्ष पद पर चार प्रत्याशियों के नामांकन ने घमासान की स्थिति बनाई थी जिसमें आज तहसील स्थित बार भवन में मतदान संपन्न हुआ। 290 मतदाताओं वाली बार में निर्धारित समय तक 253 वकीलों ने वोट डाले। इसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई और अंबरीश रस्तोगी की आंधी में अन्य सभी प्रत्याशियों के पैर उखड़ गये। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अमरबाबू पाठक को 69 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त देकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। अन्य प्रत्याशी पचास का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
हालांकि बारसंघ कोंच की यह चुनाव प्रक्रिया काफी विवादों के बीच आगे बढती रही, मौजूदा बार कमेटी ने इन चुनावों को अबैध ठहराया है, ऐल्डर्स कमेटी में भी मतांतर काफी गहरे तक पहुंचे हैं, इसके बाबजूद आज ऐल्डर्स कमेटी के पुराने अध्यक्ष गयाप्रसाद गुप्ता और उनके सहयोगी चुनाव अधिकारियों ओमप्रकाश अग्रवाल सीनियर, कमलेश चोपड़ा, अवधेश द्विवेदी तथा लालजी सिंह गुर्जर की देखरेख में तहसील स्थित बार भवन में मतदान पूर्वान्ह ठीक 10 बजे प्रारंभ हो गया था और शाम तक 290 में से 253 अधिवक्ता आने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। हालांकि इसके बाद और भी वकील वोट डालने आये लेकिन उन्हें समय निकल जाने के कारण बैरंग जाना पड़ा। चार बजे से मतों की गिनती शुरू हुई और एक घंटे में परिणामों की घोषणा कर दी गई जिसमें अंबरीश रस्तोगी को 117, अमरबाबू पाठक को 48, हल्केसिंह बघेल को 44 तथा केबी निरंजन को 42 वोट पर ही सिमट जाना पड़ा। इस तरह रस्तोगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 69 मतों के अंतर से हरा कर अध्यक्षी हथिया ली, 2 वोट अबैध रहे। जैसे ही चुनाव अधिकारियों ने परिणामों की घोषणा की, अंबरीश रस्तोगी के समर्थक खुशी में झूम उठे और उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। रस्तोगी ने सभी अधिवक्ताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुये कहा कि अधिवक्ता बंधुओं ने उन्हें जो अपार स्नेह और समर्थन देकर उन पर भरोसा जताया है उस भरोसे को कायम रखने का वह हर संभव प्रयास करेंगे और अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभायेंगे।मौजूदा कमेटी के अलावा ऐल्डर्स कमेटी ने भी दूरी बनाये रखी
आज निपटे बारसंघ चुनाव में परिणाम जो भी आये हों लेकिन मौजूदा कमेटी के अध्यक्ष विनोद अग्निहोत्री, महामंत्री माताप्रसाद अहिरवार के अलावा तमाम विवादों के बीच ऐल्डर्स कमेटी के हालिया बनाये गये अध्यक्ष महंत ब्रजभूषण दास, सदस्यों संतलाल अग्रवाल, राजेन्द्रमोहन अवस्थी तथा वीरेन्द्र लिटौरिया ने इस चुनाव से खासी दूरी बना कर रखी जो चर्चा का विषय रही। इन लोगों ने अपने वोट भी नहीं डाले। मौजूदा बारसंघ अध्यक्ष विनोद अग्निहोत्री ने समूची चुनाव प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करते हुये इसे अवैध करार दे डाला है। उन्होंने कहा है कि जब बार कौंसिल ने ऐल्डर्स कमेटी का अध्यक्ष ही बदल कर महंत ब्रजभूषण दास को बना दिया है तो फिर इन चुनावों की बैधानिकता तो चुनौती के घेरे में आ ही गई है। उन्होंने बार कौंसिल अध्यक्ष द्वारा भेजे गये उस पत्र जो डाएम के मार्फत एसडीएम कोंच को मिला और उन्होंने ऐल्डर्स कमेटी के पुराने अध्यक्ष गयाप्रसाद गुप्ता को रिसीव भी करा दिया है, का हवाला देते हुये कहा कि पत्र में साफ लिखा है कि ऐल्डर्स कमेटी के चेयरमैन, बार एसोसियेशन के अध्यक्ष और महामंत्री द्वारा एप्रूव्ड वोटर लिस्ट के आधार पर ही चुनाव हो। इस पत्र को कोई भाव दिये बिना यह चुनाव कराया जाना बार कौंसिल के आदेशों निर्देशों की खुली अवहेलना है।
बार कौंसिल ने मुझे हटाने में पक्षपात किया-गयाप्रसाद गुप्ता
बार कौंसिल द्वारा हाल ही में हटाये गये ऐल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष गयाप्रसाद गुप्ता ने बार कौंसिल के इस निर्णय को ही सवालों में घेर दिया है जिसमें उन्हें सीनियर मोस्ट मानने से इंकार किया गया है। उन्होंने आज यहां कहा कि बार कौंसिल को अपना निर्णय देने से पूर्व उनका भी पक्ष जानना चाहिये था। उन्हें गलत तथ्यों के आधार पर हटाया गया है और मौजूदा बार कमेटी ने भी बार कौंसिल को भ्रामक पत्राचार कर उनके खिलाफ पूरी साजिश रची है। उन्होंने बताया कि महंत ब्रजभूषण दास को उनसे पहले का प्लीडर मान कर अध्यक्ष बना दिया गया जबकि वह महंत से पहले ही बतौर प्लीडर अपना पंजीकरण जिला जज झांसी के यहां करा चुके थे। इस लिहाज से भी वह महंत से सीनियर हैं।







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