0 25 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर
24orai02उरई। प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी एव आश्वासन के बावजूद ग्रेड वेतन की मांग पूरी न किये जाने के कारण विगत सात दिनों से अनवरत चल रहे कार्य बहिष्कार उ.प्र. डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के आवाहन पर जनपद के डिप्लोमा इंजीनियरों ने अपनी मांग को पूरा न होते देख अब उग्र रूप अख्तियार करने की रूप रेखा बना ली है। अब वह अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए मजबूर हो रहे हैं।
कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन डिप्लोमा इंजीनियर्स अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ लोक निर्माण विभाग के प्रांगण में सिचाई, ग्रामीण अभियंत्रण, जल निगम, लघु सिचाई, भूमि संरक्षण एवं सेतु निगम के डिप्लोमा इंजीनियर्स सात दिनों से अपनी मांग को लेकर आंदोलित थे। लेकिन सरकार की ओर से कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। इस दौरान इंजीनियर्स महासंघ के मंडल अध्यक्ष एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के इंजीनियर वीर सिंह यादव ने बताया कि महासंघ द्वारा प्रतिवर्ष प्रदेश स्तरीय रक्तदान शिविरों में मुख्य अतिथि के रूप में आये मंत्रीगणों के माध्यम् से महासंघ की मांगों को अवगत कराया गया। जिस पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं वित्त सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समितियों का गठन डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के मांग पत्र पर निर्णय हेतु किया गया था। जिसमें सहायक अभियंता को स्वीकृत ग्रेड पे 5400 से ठीक नीचे का ग्रेड वेतन 4800 प्रदान करने की सहमति दी थी। परंतु अभी तक इसका शासनदेश जारी नही किया गया। जो कि इंजीनियर्स के साथ सरकार की वादा खिलाफी है। उन्होंने बताया कि वह अपने अन्य इंजीनियर्स के साथ मिलकर विगत सात दिन से कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे थे। लेकिन अभी तक सरकार का कोई भी नुमाइंदा प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों से बातचीत करने नही पहुंचा इसलिए 25 फरवरी से डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय आवाहन पर अनिश्चत कालीन हड़ताल पर सभी इंजीनियर्स जाने को मजबूर हो रहे हैं। धरना के दौरान इं. जनार्दन सिंह, इं. शत्रुघन सिंह, इं. पीके कश्यप, इं. हरीलाल, इं. केएल पोरवाल, इं. प्रेमशंकर यादव सहित बड़ी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर्स धरना स्थल पर उपस्थित रहे।

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