उरई। ससुराल में मिली तीन बीघा जमीन के सहारे पांच बच्चियों व एक बच्चे की भरीपूरी फसल तैयार करने वाले तथाकथित किसान ने आज शहादत का वरण कर लिया। जीवट का धनी यह किसान राकेश वर्मा (55वर्ष) कोंच ब्लाॅक के टोपोर गांव का रहने वाला था। गांव में चर्चा थी कि मृतक कितना साहसी और उद्यमी था कि लगातार कर्ज से गृहस्थी का खर्चा चलाने के बावजूद उसने पारिवारिक विस्तार में कभी रुकावट नही आने दी। इस प्रतिस्पर्धा में वह उम्र बीतते-बीतते संतान के मामले में आधे दर्जन के स्कोर तक पहुंच गया था। उधर तत्काल में उस पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का 50 हजार का कर्जा था। उसकी तो खैर ज्यादा चिंता नही थी लेकिन दबंगों के कर्जे को चुकाने के लिए एक बीघा जमीन बेंच लेने के बाद भी उसे कोई राह नही सूझ रही थी। इधर उसकी आंखों के सामने ही उसके पत्नी व बच्चे भूख से दम तोड़ने को मजबूर दिखने लगे थे। अपनी आने वाली पीढियों को भी इसी तरह की विरासत सौंपने का कर्तव्य पूरा कर लेने के बाद आखिर उसके लिए जिंदगी का अर्थ खत्म हो गया था। इसलिए उसने पेड़ पर लटककर खुदकुशी कर ली। पता नही उसकी संतानें उस जैसा साहस और पराक्रम दिखा पाये या नहीं। इसलिए वे असमय कुछ कर गुजर बैठे इसके पहले प्रशासन से अपेक्षा है कि उनकी मदद के लिए तत्परता दिखायें।





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