कोंच-उरई। भगवान बुद्घ की जयंती यहां सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय में मनाई गई जिसमें वक्ताओं ने महात्मा बुद्ध को एक धार्मिक व्यक्तित्व मानने के बजाये उन्हें व्यापक दृष्टिकोण में अपनाने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि आज के परिवेश में बुद्ध एक ऐसा विचार है जो वैश्विक परिदृश्य में प्रासंगिक है। महात्मा बुद्ध और मां सरस्वती की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने से प्रारंभ हुई संगोष्ठी को संबोधित करते हुये छात्र विपिन सुनायां ने कहा कि बुद्ध ऐसी विचारधारा है जो समूचे एशिया महाद्वीप को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है। महाविद्यालय के कोऑर्डीनेटर कन्हैया नीखर एवं अन्य स्टाफ ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुये महात्मा बुद्ध के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। शिवकुमार गुर्जर जुझारपुरा, ब्रजेन्द्रसिंह, जय निरंजन, अखिलेश चैहान, विवेक श्रीवास्तव, कदीम, मुश्ताक अहमद, राजकुमार आदि मौजूद रहे। संचालन मनोजकुमार सिंह ने किया।







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