09orai-04उरई। कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब आशा कार्यकत्रियों की भीड़ तगारेपुर के मामले में उनकी सहेली पर प्रत्यारोप लगाने ट्रैक्टर से आये ग्रामीणों पर पिल पड़ी। उन्होंने दबंगों के समर्थन में आये ग्रामीणों और एक आरोपी को चप्पल, लात-घूंसों से मारते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर दौड़ाया। आशा कार्यकत्रियों के इस रौद्र प्रदर्शन को देखने के लिए तमाशबीनों की भारी भीड़ कलेक्ट्रेट में जुट गई।
कलेक्ट्रेट परिसर शुक्रवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। हुआ यह था कि गत् दिनों जननी सुरक्षा की राशि मांगने के लिए थाना आटा के ग्राम तगारेपुर में गांव के ही तीन लोग आशीष, शिशुपाल व संदीप आशा कार्यकत्री कलावती के घर घुस गये। कलावती ने उनको समझाने की कोशिश की कि जननी सुरक्षा की धनराशि लाभार्थी के खाते में जाती है। लेकिन अड़ियल रवैये पर उतारू दबंगों को उनकी बात पर विश्वास नही हुआ। उन्होंने गुस्से में कलावती की पिटाई करते हुए उसे अर्द्धनग्न कर डाला। घटना के बाद भी वे लोग कलावती के प्रति आक्रामक बने रहे और उसकी 20 वर्षीय पुत्री तक के लिए अशोभनीय धमकियां देते रहे।
त्रस्त कलावती ने तीनों के खिलाफ चुर्खी थाने में तहरीर भी दी लेकिन संगीन मामले में पुलिस ने मामूली धाराओं में मुकदमा लिखकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। इससे क्षुब्ध कलावती अन्य आशा बहुओं के साथ कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गई। उधर आशीष व उसके समर्थन में कुछ ग्रामीण ट्रैक्टर में भरकर कलेक्ट्रेट आ गये। उन्हें देखते ही कलावती आपा खो बैठी। वह चप्पल लेकर आशीष और उनके हिमायतियों पर दौड़ पड़ी। उसके साथ अन्य आशा बहुओं का हुजूम भी ग्रामीणों पर टूट पड़ा। ग्रामीणों को अपनी फजीहत बचाना मुश्किल हो गया। वे बचने के लिए दौड़े तो आशा बहुए उन्हें काफी पीछे तक खदेड़ती रहीं। इस रोमांचक नजारे की वजह से कलेक्ट्रेट में सामने सड़क से गुजर रहे राहगीरों की भीड़ उमड़ पड़ी। काफी देर तक इसमें अफरा-तफरी मची रही। महिलाओं का मामला होने से अधिकारी और कर्मचारी तमाशे से दूर-दूर ही रहे।

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