उरई। कर्नल ईश्वरी सिंह इंटर काॅलेज शेखपुर बुजुर्ग के लोकप्रिय प्रधानाचार्य सुरेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ की बुधवार को कानपुर के एक नर्सिंग होम में पथरी के आॅपरेशन के पहले एनस्थीसिया की ओवरडोज के कारण हुई अकाल मौत से घटना के तीसरे दिन भी जिले के शैक्षणिक जगत से लेकर अन्य प्रबुद्ध वर्ग तक में गमगीन माहौल छाया रहा।
गौरतलब है कि गुरुवार को मोक्षधाम में सुरेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ का सुबह जिस समय अंतिम संस्कार किया गया उस समय परिजनों के अलावा उनके सैकड़ों चाहने वालों की आंखों से आंसुओं की धार बह निकली। हर कोई उनकी अंत्येष्टि के समय सुरेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ के मिलनसार स्वभाव और सौम्यता की चर्चा करते हुए उनके इस तरह अचानक निधन पर व्यक्तिगत सदमे का इजहार करने में लगा था।
शुक्रवार को तीसरे दिन भी विभिन्न संगठनों की ओर से सुरेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ को श्रद्धांजलि देने का तांता लगा रहा। पटेल नगर स्थित चित्रांश एकेडेमी में शोक सभा आयोजित हुई जिसमें याद किया गया कि किस तरह सुरेंद्र को वर्ष 2014 में जब प्रदेश के राज्यपाल ने आदर्श शिक्षक के रूप में सम्मानित किया था तो सारे जनपद का सिर गर्व से ऊंचा हो गया था। उपस्थित लोगों ने सुरेंद्र प्रसाद कुलश्रेष्ठ की अल्पायु में मृत्यु को जनपद की अपूर्णनीय क्षति बताया। शोक सभा में नागेंद्र कुलश्रेष्ठ, हिमांशु श्रीवास्तव, स्वतंत्र श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शिवेंद्र श्रीवास्तव, निशांत श्रीवास्तव, प्रयांशु खरे, भूपेंद्र याज्ञिक, दीपक जतारिया, नितेश पटेल, प्रशांत गुप्ता, हरिहर सिंह, विकास गौतम, जितेंद्र अहिरवार, शुएब अनवर और आदर्श मिश्रा आदि लोग उपस्थित थे।






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