12orai01उरई। मुलायम संदेश यात्रा रविवार को देर रात जिले में पहुंची। यात्रा में शामिल नेताओं ने कालपी और उसके बाद उरई में राज पैलेस सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। यात्रा का मकसद प्रदेश की अखिलेश यादव की सरकार को हिंदुस्तान की सबसे ज्यादा काम करने वाली सरकार के रूप में जनमानस के बीच प्रभावी ढंग से पेश करना है। मुख्यमंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के मंशा के अनुसार समाजवादी पार्टी इस बार चुनाव जीतने के लिए मंदिर-मस्जिद और आरक्षण जैसे उबलते हुए मुददों को छिटकाकर करिश्माई विकास की क्षमता को चुनाव में लोगों का दिल जीतने का आधार बनाना चाहते हैं।
मुलायम सिंह संदेश यात्रा इसकी भूमिका तैयार करने के लिए पूरे प्रदेश के दौरे पर है। संदेश यात्रा में पश्चिम बंगाल के मशहूर सोशलिस्ट नेता किरणमय नंदा और समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव मोर्चा संभाले हुए हैं। वैसे समाजवादी पार्टी में चुनाव के समय निकाले जाने वाली यात्रा या रथ की अगुवाई पार्टी के प्रमुख नेता ही करते रहे हैं। लेकिन सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव उनके नाम पर यात्रा होने की वजह से इसमें शामिल हो नही सकते। जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास बहुत ज्यादा राजकाज है। अनुमान यह था कि ऐसे में मुलायम संदेश यात्रा को क्रेजी बनाये रखने के लिए रामगोपाल या शिवपाल इस यात्रा के रथ में सवारी करेगें। लेकिन शायद समाजवादी पार्टी समानान्तर सत्ता केंद्रों के उभरने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के मददेनजर फूंक-फूंक कर कदम रखने की रणनीति अपनाये हुए है जिसकी वजह से महत्वपूर्ण यात्रा होते हुए भी इसके संचालन का जिम्मा तीसरी-चैथी पंक्ति के नेताओं पर सीमित रखा गया है।
खबर है कि रात में पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने किरणमय नंदा से संपर्क का प्रयास किया था लेकिन उन्हें बता दिया गया कि अनुरागी पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं इसलिए उन्होंने अनुरागी को समय नही दिया। हालांकि अनुरागी समर्थक कह रहे हैं कि उनके निष्कासन की खबर हवा-हवाई है। आज तक पार्टी ने उनके निष्कासन का पत्र जारी नही किया। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका निष्कासन करने की पार्टी की मंशा ही नही है। उन्होंने कहा कि वे लोग धैर्य के साथ स्थितियां ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद वे पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए बढ़चढ़ कर फिर से आगे आयेंगे।

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