cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने ड्यूटी के दौरान दिवंगत हो चुके अपने साथियों के आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने और 20 लाख रुपये की अहैतुक सहायता मृत शिक्षा मित्र के परिवार की स्थिति संभालने को मुआवजे के तौर पर देने की मांग की।
प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें 1 लाख 37 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षा मित्रों के रूप में समायोजित करने के प्रदेश सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताया गया और इस कदम को उठाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया गया। संघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को अवशेष 26 हजार अन्य शिक्षा मित्रों की भी परवाह करनी चाहिए जो बीटीसी प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत कानूनी बाध्यताओं के कारण अभी तक समायोजित नही हो पाये हैं। जिससे इन शिक्षा मित्रों और उनके परिवारों को आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इनके समायोजन तक इन्हें शिक्षकों का नियमित वेतन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये।
7 सितंबर को लखनऊ में शिक्षा मित्रों के शांतिपूर्ण धरने पर कराये गये लाठी चार्ज की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। ज्ञापन देने वालों में प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी, मंत्री अंजनी कुमार खरे, ऋषि सिंह, उदय भान सिंह, रामसिंह गुर्जर, सुरेंद्र पाल सिंह कुशवाहा, अशोक कुमार, प्रवीण परिहार आदि मौजूद थे।

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