उरई। गरीबी के कारण रात में रेलवे स्टेशन के पूंछतांछ केंद्र की लाइट के नीचे पढ़ाई की ललक पूरी करने को मजबूर बालिका के बारे में सोशल मीडिया पर खबर पढ़ने के बाद सीएम अखिलेश द्रवित हो गये। उनके फोन के बाद डीएम संदीप कौर ने बालिका की मां को डूडा की काॅलोनी में फ्लैट आवंटित कराकर उसकी चाबी सौंपी। इसके साथ ही 10 हजार रुपये की नगद सहायता उसे रेडक्राॅस से देने के अलावा उसकी मां को समाजवादी पेंशन और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया।
मोहल्ला तुफैलपुरवा में रहने वाली आठ वर्षीय बालिका दिव्या के पिता नही हैं। उसकी मां स्टेशन पर भीख मांगकर गुजारा करती है। फिर भी दिव्या को पढ़ने की जबर्दस्त लगन है। घर में बिजली का कनेक्शन न होने की वजह से वह अपनी छोटी बहन को लेकर रात में रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाती है। उसकी बहन खेलती रहती है और वह स्टेशन के पूंछतांछ केंद्र पर लगी लाइट के नीचे बैठकर देर रात तक पढ़ाई करती है।
किसी जागरूक नागरिक की नजर उस पर पड़ी तो पिछले दिनों उसने सोशल मीडिया पर उसकी खबर डाल दी। यह खबर जैसे ही सीएम अखिलेश की निगाह में आई दिव्या के दिन बहुर गये। डीएम संदीप कौर आनन-फानन में डूडा काॅलौनी में उसकी मां के लिए आवास की व्यवस्था करने के बाद खुद उसकी गृहस्थी जमवाने उसके मकान पहुंचीं। दीपावली के पहले मिली इस गिफ्ट को पाकर दिव्या की खुशी का ठिकाना नही है। डीएम संदीप कौर ने कहा कि दिव्या की लगन बताती है कि भविष्य में गुदड़ी की लाल बनकर चमकेगी। सीएम के आदेश पर उसे समय पर मिली सहायता प्रतिभा के साथ न्याय की सबसे चमकदार मिसाल बन गई है।







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