उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में वर्चुअल माध्यम से सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति शादी अनुदान योजना की स्वीकृति समिति की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विकासखंड एवं तहसीलवार लंबित आवेदन पत्रों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र आवेदकों के आवेदन समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारित किए जाएं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के 68 तथा अनुसूचित एवं सामान्य वर्ग के 43 आवेदन लंबित पाए गए। वहीं शहरी क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के 7 तथा अनुसूचित एवं सामान्य वर्ग के 19 आवेदन लंबित मिले। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र परिवार को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में शादी अनुदान योजना के अंतर्गत समस्त वर्गों के लिए 1617 लाभार्थियों का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वित्तीय लक्ष्य 323.40 लाख रुपये रखा गया है। वर्तमान में 429 लाभार्थियों के लिए 85.80 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना का लाभ केवल पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में आवेदक की वार्षिक आय 56,460 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए तहसील से ऑनलाइन जारी जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक अंकित करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि विवाह की तिथि पर पुत्री की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना आवश्यक है। साथ ही निराश्रित महिलाओं एवं दिव्यांग आवेदकों को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह हेतु ही अनुदान अनुमन्य होगा।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को योजना के प्रति जागरूक किया जाए तथा पात्र परिवारों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी एवं सरल बनी रहे।
बैठक में जलशक्ति मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान, विधायक कालपी प्रतिनिधि आशुतोष चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।







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