सुदामा चरित्र का प्रसंग सुन भावविभोर हुए भक्त, कथा समापन पर हवन एवं महाप्रसाद का आयोजन
कुठौंदा-उरई। नदीगांव विकासखंड के ग्राम कुठौंदा स्थित सिद्धपीठ श्री महावीर जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का समापन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में हुआ। समापन अवसर पर कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गुरुपूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में साधु-संतों एवं भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
समापन दिवस पर कथा का शुभारंभ उपव्यास रामलला शास्त्री (बाबई) ने वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कराया। मुख्य यजमान एवं कथा परीक्षित रामनरेश द्विवेदी (वरिष्ठ पत्रकार) रहे। व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए कथाव्यास चंद्रशेखर शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के द्वारिका लीला, विवाह प्रसंग तथा सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी भगवान से कोई शिकायत या अपेक्षा नहीं की। संतोष और श्रद्धा का यही भाव उन्हें भगवान का परम प्रिय बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सुदामा के जीवन से संतोष, समर्पण और भक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कथा के दौरान नदीगांव ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह, सहकारी समिति अध्यक्ष दिनेश सिंह चौहान, इंटर कॉलेज इंगुई के प्रबंधक जयदीप सिंह, पूर्व विधायक प्रतिनिधि शिवकुमार पाण्डेय, सिंचाई बंधु के अध्यक्ष महेशचंद्र पाण्डेय, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक शालिग्राम पाण्डेय, जिला अध्यक्ष अंजनी सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीतमदास जी महाराज ने किया तथा सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कथा समापन के उपरांत मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ। बुधवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों एवं भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर श्री श्री 1008 महंत रामेश्वर दास जी महाराज (पीठाधीश्वर, श्री महावीर मंदिर), नवेंद्र उपाध्याय, हर्ष द्विवेदी, मयंक दुबे, अखिल दुबे, अतुल मिश्रा, सुमित पचौरी, कृष्णा उपाध्याय, शिव चौहान, अभिषेक तिगुनायक, शिवाजी गुर्जर, दीपक दुबे, सुरेंद्र श्रीवास्तव, दुर्गेश लहारिया, संतोष चंसौलिया, सुभाष तिवारी, अनुरुद्ध उपरीम, बजरंग तिगुनायक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।






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