उरई। चक्रवाती मौसम और घने बादलों के चलते 25 से 27 सितंबर तक प्रदेश में जारी मौसम संबंधी चेतावनी के मद्देनजर जिलाधिकारी समीर ने जनपद में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संभावित अतिवृष्टि, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनी तथा सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के साथ तहसील और विकासखंड स्तर पर राहत-बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण, संसाधन और राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए। उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने को कहा गया है।
उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहानि, पशुहानि या मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही मौके पर सत्यापन और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कराई जाए तथा प्रभावित परिवारों को अनुमन्य मुआवजा 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाए।
बिजली और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर
विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है। किसी विद्युत दुर्घटना की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया गया कि तेज हवाओं या तूफानी मौसम के कारण सड़क पर पेड़ अथवा डालियां गिरने की सूचना मिलते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटवाया जाए, ताकि यातायात बाधित न हो और दुर्घटना की आशंका न रहे। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
नदियों, नालों, पुल-पुलियों, अंडरपास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं और जलनिकासी व्यवस्था रहेगी तैयार
विद्यालयों और महाविद्यालयों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम की गंभीरता और सक्षम स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के संचालन के संबंध में निर्णय लेने तथा निर्देश प्राप्त होने पर उनका तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रखते हुए आकस्मिक परिस्थितियों के लिए चिकित्सकीय दल, आवश्यक दवाओं और एंबुलेंस सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को नालियों और जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में तत्काल जलनिकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत स्तर तक राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने तथा राजस्व कर्मियों के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और प्रभावित लोगों तक राहत सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






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