कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण मामले का मुख्य आरोपी था फरार, जोल्हूपुर-मदारीपुर मार्ग पर मुठभेड़ में दोनों पैरों में लगी गोली
उरई। वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार के अपहरण मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद मुख्य आरोपी पवन यादव उर्फ मोनू यादव का फरार रहना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलित वकीलों का आक्रोश भी लगातार बढ़ रहा था। ऐसे माहौल में पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। एक लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपी मोनू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल उरई भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को जोल्हूपुर-मदारीपुर मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुखबिर से एक संदिग्ध व्यक्ति के असलहे के साथ मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर कालपी, उरई और कदौरा पुलिस के साथ स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि घिरने पर आरोपी ने टीम पर दो राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
करीब 24 वर्षीय पवन यादव उर्फ मोनू, अजय यादव का पुत्र है और कानपुर नगर के गुजैनी थाना क्षेत्र स्थित तरुण विहार मोहल्ले का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और सिल्वर रंग का रियलमी मोबाइल बरामद करने की जानकारी दी है।
चाय पीने और बातचीत के बहाने गाड़ी में बैठाकर किया था अपहरण
पुलिस के मुताबिक, 31 अक्टूबर को कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार को मुकदमे के सिलसिले में बातचीत और चाय पीने के बहाने गाड़ी में बैठाकर अगवा किया गया था। परिजनों की खोजबीन के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। तहरीर के आधार पर कालपी कोतवाली में मुकदमा संख्या 247/26 दर्ज किया गया। इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन मुख्य आरोपी मोनू यादव पुलिस की पकड़ से बाहर था।
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बुधवार की कार्रवाई के साथ ही इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो गई।
मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में कालपी कोतवाली में मुकदमा संख्या 250/26 के तहत बीएनएस की धारा 109(1) और आर्म्स एक्ट की धाराओं 3/25/27 में अलग मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास में पवन के खिलाफ मौजूदा मामले सहित पांच मुकदमों का उल्लेख है। कार्रवाई में उरई और कालपी कोतवाली पुलिस, कदौरा थाना पुलिस तथा जालौन स्वाट टीम शामिल रही।







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