प्राथमिक विद्यालय में दीपक सजाओ प्रतियोगिता, बच्चों ने कला के जरिए जाना दीपावली का सांस्कृतिक महत्व
जालौन। दीपावली की तैयारियों के बीच माधौगढ़ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता के रंग मिट्टी के दीपकों पर उकेरे। दीपक सजाओ प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने साधारण मिट्टी के दीपकों को रंगों, आकर्षक डिजाइनों और कलाकृतियों से सजाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
किसी बच्चे ने दीपक पर मनमोहक रंग भरे तो किसी ने सुंदर आकृतियां और डिजाइन बनाकर उसे नया रूप दिया। अपने हाथों से तैयार दीपकों को देखकर बच्चों में खासा उत्साह और आत्मविश्वास दिखाई दिया। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी कला दिखाने के साथ कुछ नया सीखने का अवसर भी मिला।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक विपिन उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा और व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। ऐसी गतिविधियां बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी कल्पनाशीलता, एकाग्रता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी गतिविधि आधारित और कला समेकित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
सहायक अध्यापक श्याम जी ने बच्चों को रंगों के संयोजन और दीपावली के सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने दीपक को प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक बताते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षामित्र सविता कुशवाहा और अनु गुप्ता ने दीपक सजाने के लिए सामग्री उपलब्ध कराने तथा बच्चों को रंगों और डिजाइन के चयन में मार्गदर्शन देने में सहयोग किया। विद्यालय में आयोजित इस गतिविधि ने त्योहार की खुशियों के साथ बच्चों को पारंपरिक कला और स्थानीय शिल्प से जोड़ने का काम किया।







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