उरई। 28 फरवरी को कुठौंद थाना क्षेत्र के दौन ग्राम में खेत पर बने मकान में सो रहे किसान के साथ सशस्त्र बदमाशों द्वारा की गई डकैती का पर्दाफाश आखिरकार हो गया है। कुठौंद पुलिस के अलावा स्वाॅट और सर्विलांस टीम को भी इस चुनौती पूर्ण मामले के खुलासे के लिए लगाया गया था। पुलिस ने तीन बदमाशों को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी की कहानी में अपनी असाधारण बहादुरी का पुट जोड़ने से पुलिस बाज नही आई। पहले के तमाम गुडवर्क की तरह परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अपनी कहानी में बताया कि किस तरह इन बदमाशों को बिचैली पुलिया के पास घेरने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी जिससे आगे-आगे चल रहे दरोगा, सिपाहियों की जान तक पर बन आई थी। यह उनकी खुशकिस्मती रही कि वे बदमाशों के इस दुस्साहसिक प्रयास से अपने को बचाने में कामयाब रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य ने रविवार को पत्रकार वार्ता करके इस मामले की जानकारी दी। गिरफ्तार बदमाशों में गंभीर पुत्र अंगद सिंह निवासी बिचैली, दिनेश पुत्र गेंदालाल निवासी मदारीपुर और राजीव पुत्र राजनारायण पाण्डेय निवासी अटराकलां बताये गये हैं। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में 6 बदमाश थे जिनमें से तीन मोहित पुत्र बालमुकुंद निवासी मदारीपुर, गुडडन महाराज उर्फ राघवेंद्र पुत्र तेजधारी निवासी मगरौल और रामखिलावन पुत्र मुरलीधर निवासी कुठीला भाग निकले।
पुलिस के मुताबिक बदमाश 50 हजार रुपये छीन ले गये थे जिसमें साढ़े चार हजार रुपये बरामद हो पाये हैं। इसके अलावा उनके पास से मोटर साइकिल यूपी 92 एल 7808 व 315 बोर के तीन तमंचे भी बरामद हुए हैं। गौरतलब यह है कि डकैती के शिकार मूलचंद्र कुशवाहा ने बदमाशों की संख्या आधा दर्जन से ज्यादा बताई थी लेकिन मिनिमाइजेशन प्रोग्राम के तहत पुलिस कह रही है कि केवल चार बदमाश वारदात में शामिल थे। इसके साथ ही घटना के समय मूलचंद्र ने बदमाशों को बंदूकों से लैस बताया था लेकिन पुलिस ने बंदूकें अतंध्र्यान करके तमंचा मंगवाकर काम खत्म कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगोई ने इस सफलता के लिए कुठौंद थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह, सर्विलांस टीम प्रभारी बृजेश यादव और स्वाॅट टीम प्रभारी अरुण कुमार तिवारी की पीठ थपथपाकर उनका उत्साहवर्धन किया है।





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