उरई। सत्ररह सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने आज चैथे दिन भी कलेक्टेªट परिसर में मोदी योगी मुर्दाबाद के नारे लगाए।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता संगठन की जिलाध्यक्ष संगीता सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार के द्वारा 90 दिन के अंदर आंगनबाड़ी कार्यत्रियों की मांगों के समाधान का वायदा किया गया था लेकिन अब सरकार उनकी मांगों को सुनने के लिए तैयार नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी एवं योगी की सरकार आंगनबाड़ी कर्मचारियों के खिलाफ है और अपनी मांगों को मनवाने के लिए सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुष्पा देवी, सीमा सोनी, शशिप्रभा, राजेश्वरी, अंजू शर्मा, गायत्री, अनीता, अन्नपूर्णा, किरन, प्रभा, अर्चना, सुनीता, ज्योति, मीना, सुनम, सुशीला देवी, सरोज आदि ने संघर्ष का एलान किया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महामंत्री रामजानकी ने कहा कि चुनाव के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने का वायदा दिया था। 17 जुलाई को मुलाकात के बाद भी कोई आदेश जारी न होना हम लोगों की उपेक्षा का परिचायक है। वर्तमान समय का मानदेय हम सब का अपमान है। यह न्यूनतम बेजेज एक्ट की श्रम नीति के खिलाफ तो है ही साथ ही मनरेगा के मजदूरों से भी निम्न स्तर का है। मांग की है कि कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर उन्हें क्रमशः 18 हजार एवं नौ हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाए। उन्हे समान योग्यता व समान कार्यकत्री के बराबर मानदेय दिया जाए। योग्यता एवं बरीयता के आधार पर मुख्य सेविका के पद कार्यकत्रियों की पदोन्नति की जाए।






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