नई दिल्ली। दस्यु सुंदरी से सांसद बनी फूलन देवी के हत्या के मुख्य आरोपी शेर सिंह राणा के जाति विशेष द्वारा महिमा मंडन के क्रम में एक और कड़ी उस समय जुड़ गई जब मध्य प्रदेश के एक पूर्व बाहुवली विधायक ने अपनी पुत्री का विवाह उसके साथ धूमधाम से किया।
शेर सिंह राणा को 2014 में दिल्ली की एक अदालत से उम्र कैद की सजा हो चुकी है। लेकिन इसके बाद ऊपरी अदालत में उसकी अपील की सुनवाई मंजूर हो जाने से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उसके खिलाफ मुकदमा ऊपरी अदालत में जारी है जिसमें निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा की पुष्टि हो सकती है। फिर भी जातीय गौरव के उन्माद में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की बड़ा मल्हरा विधान सभा सीट से 2008 में बसपा के टिकट पर विधायक चुने जा चुके राणा प्रताप सिंह ने अपनी पुत्री प्रतिमा की भाग्य की डोर उसके साथ बांध दी।
गौरतलब है कि 25 जुलाई 2001 को फूलन देवी की हत्या होने के बाद अपना नाम सामने आने पर शेर सिंह राणा फरार हो गया था और दो दिन बाद उसने देहरादून में सरेण्डर कर दिया था। इस दौरान उसने कहा था कि फूलन देवी द्वारा बेहमई में ठाकुरों की सामूहिक हत्याओं का बदला लेने के लिए उसने उनकी जान ली। शेर सिंह राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रखा गया था। जहां से वह फरार हो गया। इसके बाद उसने अफगानिस्तान जाने और वहां से पृथ्वीराज चैहान की अस्थियां लाने का दावा किया था। 2006 में उसे कोलकता में दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। उसने गाजियाबाद के पिलखुआ में पृथ्वीराज चैहान के नाम से मंदिर भी बनवाया है।
शेर सिंह राणा इन्ही कारनामों की वजह से क्षत्रिय समाज के एक हिस्से में अपने को नायक के रूप में स्थापित करने में सफल हो गया है। सहारनपुर में गत वर्ष दलितों और ठाकुरों के बीच भड़के संघर्ष में भी उसका हाथ होने की बात सामने आई थी। इस दंगे की वजह से दलित नेता चंद्र शेखर रावण रासुका में जेल में निरुद्ध है। जबकि शेर सिंह राणा का लगातार अभिनंदन हो रहा है। रुड़की में दिल्ली हाइवे स्थित एक होटल में इसी माहौल के चलते बाहुवली पूर्व विधायक की बेटी से उसका विवाह हो गया।

Leave a comment